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350 रुपए की मजदूरी के लिए मौत का सफर

ग्रामीण क्षेत्र में सोयाबीन की कटाई के लिए जिंदगी दांव पर लगा रहे मजदूर, एक-एक लोडिंग वाहन में 35 से 40लोग सवार…

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उज्जैन। ग्रामीण क्षेत्र में सोयाबीन की फसल कटाई के लिए अंचलों से आने वाले मजदूर 350 रुपए की मजदूरी हासिल करने के लिए जिंदगी दांव पर लगाकर खतरनाक सफर कर रहे हैं । यहां सुबह और शाम गुजरने वाले सैकड़ों वाहनों में ठूंस-ठूंस कर मजदूरों को बैठाया जा रहा है। एक-एक लोडिंग़ वाहन में 30 से 40 श्रमिक सवार होकर मजदूरी करने पहुंच रहे हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।

खासबात यह भी है कि यह श्रमिक यह खतरनाक सफर कई थाना क्षेत्रों से होकर गुजरता है। ।पुलिस थाने के सामने से ही प्रतिदिन सैकड़ों ओवर लोडिंग वाहन श्रमिकों को लेकर निकलते है, लेकिन जिम्मेदार इस गंभीर लापरवाही की अनदेखी कर रहे हैं। दरअसल ग्रामीण अंचलों में इन दिनों सोयाबीन की फसल पककर तैयार हो चुकी है। अच्छी मजदूरी मिलने की उम्मीद में अन्य अंचल से हर दिन सैकड़ों श्रमिक मजदूरी करने कई क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।

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आरटीओ की कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं

मजदूरों को आवागमन के साधन सीमित होने की वजह से उन्हें इस तरह ओवरलोडिंग वाहनों में बैठकर आना पड़ रहा है। संबंधित थाना पुलिस भी इस गंभीर लापरवाही को नजरअंदाज करती नजर आ रही है। करीब 1 हफ्ते से नामली क्षेत्र में मौत का खतरनाक सफर जारी है।

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लेकिन अब तक इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। बता दें कि एक सप्ताह पहले फसल कटाई के लिए रावटी से मजदूरों को लेकर जा रहा पिक-अप वाहन उज्जैन में पलट गया था। मजदूरों के साथ वाहन में सवार एक बालिका का पैर काटना पड़ा था।

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