40 घंटे बीते, वाटर कैमरे से पानी में सर्चिंग

एसआई मदनलाल और आरक्षक आरती पाल का सुराग नहीं, 60 मददगार तलाश में जुटे
वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर लगातार रख रहे नजर, 100 मीटर के दायरे में कार के फंसे होने की आशंका
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बडऩगर रोड के बड़े पुल से शिप्रा नदी से गिरी पुलिस टीम की कार को सोमवार दोपहर १२ बजे तक ४० घंटे हो गए। लापता एसआई मदनलाल निनामा और आरक्षक आरती पाल का कोई सुराग नहीं मिला है। न ही कार की जानकारी लग सकी है। घटना स्थल के 100 मीटर दायरे में पानी में वाटर कैमरे से तलाशी की जा रही है। शनिवार रात करीब ९ बजे कार गिरी थी। शनिवार रात डेढ़ बजे तक तलाशी अभियान चला, रविवार पूरा दिन शिप्रा को खंगालते रहे। सोमवार सुबह पुन: सर्चिंग शुरू हो गई। इस घटना में उन्हेल टीआई अशोक शर्मा का शव तो रविवार को ही भैरवगढ़ पुल के नजदीक मिल गया था लेकिन एसआई मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल का पता नहीं चल सकता है। सोमवार दोपहर 12 बजे तक घटना के 40 घंटे बीत चुके हैं।
महिदपुर से भी बुलाई टीम जांच केडी पैलेस तक होगी
इसी बीच पुलिस ने रणनीति में बदलाव करते हुए सर्चिंग अभियान का दायरा बढ़ाते हुए 5 किमी कर दिया है। केडी पैलेस तक शिप्रा में सर्चिंग होगी। इसके लिए महिदपुर से 8 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम भी बुलाई गई है। सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे टीम मौके पर पहुंच गई थी। सीएसपी राहुल देशमुख के मार्गदर्शन में अभियान जारी था।
स्टॉफ व्यस्त था तो खुद निकल गए शनिवार शाम को टीआई शर्मा को नाबालिग के अपहरण मामले में चिंतामन क्षेत्र में बालिका की लोकेशन मिली। शर्मा ने एएसआई अंतरसिंह मंडलोई को फोन कर कहा कि महिला कांस्टेबल के साथ चले जाओ। उसी वक्त स्टॉफ गणेश विसर्जन ड्यूटी में लगा था। सभी बिजी थे इस कारण शर्मा खुद ही एसआई निनामा और महिला आरक्षक आरती के साथ निकल गए। सरकारी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो आरती की कार ली।
3 फीट जलस्तर और कम हो तो तलाशी में आसानी होगी
सोमवार को यहां एसडीआरएफ के 15, एनडीआरएफ के 25 और शिप्रा तैराक दल के करीब 20 लोग शिप्रा में तलाशी में जुटे थे। यहां पर मोटर बोट के जरिए बिलाई (एंकर) डालकर तलाश की जा रही है। वाटर कैमरा भी अंदर सर्चिंग कर रहा है। सोमवार को पानी का जल स्तर डेढ़ फीट उतरा है। रेस्क्यू टीम का मानना है कि अगर 3 फीट पानी और नीचे आ जाता है तो सर्चिंग अभियान में काफी सुविधा होगी। माना जा रहा है कि घटना स्थल के 100 मीटर के दायरे में ही कार मिट्टी में दबी होगी और उसके भीतर ही लापता पुलिसकर्मियों के फंसे होने की संभावना है। जल स्तर कम होने पर ही गाद बहकर कम होगी।
पत्नी से कहा था जल्दी आता हूं, पानी पीया और निकल गए
पुलिस सूत्रों के मुताबिक चिंतामण जाने के पहले टीआई श्री शर्मा पीपलीनाका स्थित घर पर कुछ मिनटों के लिए रुके थे। घटना के दिन वे रात 8.35 बजे घर पहुंचे थे। पत्नी शशि से लेकर पानी पीया। बेटे से कहा- स्टॉफ के साथी नीचे गाड़ी में बैठे हैं, उन्हें भी पानी पिला दो। मैं चिंतामन कार्रवाई के लिए जा रहा हूं, आते समय मिलकर जाऊंगा। सूत्रों के मुताबिक सिर्फ पांच मिनट की मुलाकात हुई। रात 8.53 बजे शिप्रा के बड़े पुल से कार नदी में गिर गई।
मन्नत पूरी होने से खुश थी आरती छोटे भाई को चोला चढ़ाने के रुपए दिए
घटना के बाद से लापता एसआई मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल के परिजन सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। रतलाम कलेक्टर कार्यालय से रिटायर्ड आरती के पिता अशोक पाल ने बताया कि बेटे की सवा महीने की धूप के वक्त 5 सितंबर को आरती घर (रतलाम) आई थी। उस वक्त भाभी का ध्यान रखने की बात कही। अगले दिन 6 सितंबर को आखिरी बार बात हुई थी। आरती के छोटे भाई लोकेंद्र पाल ने बताया 5 सितंबर को आरती पंचमुखी हनुमान को चोला चढ़ाने के लिए रुपए देकर गई थी। वो अपनी किसी मन्नत पूरी होने से खुश थी। निनामा के पुत्र जितेेंद्र भी उज्जैन में हैं। सदमे मेें डूबे जितेंद्र किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं।









