गणेश प्रतिमा स्थापना : प्रशासन ने नहीं बुलवाई आयोजकों की बैठक, पांडाल को लेकर असमंजस

उज्जैन। गणेश चतुर्थी नजदीक है। शहर के गणेश प्रतिमा स्थापना मंचों के आयोजकों में उहापोह की स्थिति है। इनका कहना है कि प्रशासन ने अभी तक बैठक नहीं बुलवाई है। वहीं विहिप का कहना है कि गणेश जी तो सार्वजनिक पाण्डालों में बैठेंगे। ऐसा करने से प्रशासन नहीं रोक सकता है।

शहर में हर वर्ष 400 गणेश प्रतिमा स्थापना पाण्डाल लगते हैं। इन मंचों के माध्यम से गणेश आराधना के साथ ही विभिन्न खेल,मनोरंजन गतिविधियां भी आयोजक करवाते हैं। नई पीढि़ को याद दिलाया जाता है कि लोकमान्य बालगंगाधर टिळक ने इस आयोजन की शुरूआत देश को आजादी दिलवाने के उद्देश्य से की थी। इधर शहर के आयोजक इस बार उहापोह में है। उनके अनुसार प्रशासन ने अभी तक बैठक नहीं बुलवाई है। मंच निर्माण आदि में एक सप्ताह का समय लगता है।
सार्वजनिक पांडाल तो लगकर रहेंगे : तिवारी
विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री महेश तिवारी का कहना है कि यह एक पुरातन परंपरा है। ऐसे में शहर में सार्वजनिक पांडाल तो लगेंगे ही और गणेश प्रतिमा स्थापना भी होगी। ऐसा करने से प्रशासन रोकने का प्रयास
न करें। कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत सारे धार्मिक आयोजन हुए हैं और हो रहे हैं। गणेश प्रतिमा स्थापना को लेकर भी प्रोटोकाल का पालन आयोजक करेंगे। प्रशासन को शिघ्र ही स्थिति साफ करना चाहिए। एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी से चर्चा नहीं हो सकी। उनका मोबाइल फोन आउट ऑफ कव्हरेज एरिया आता रहा।









