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उज्जैन:पतंजलि योग ग्राम ट्रस्ट के नाम पर लाखो रुपए की धोखाधड़ी

पतंजलि योग ग्राम ट्रस्ट के नाम पर सवा लाख रुपए की धोखाधड़ी

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पोती का मधुमेह का उपचार करवाने हरिद्वार पहुंचे तो पता चला ठगा गए

उज्जैन।शहर का एक परिवार सवा लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। परिवार की 9 वर्षीय बेटी के मधुमेह का उपचार करवाने के लिए दादाजी ने ऑनलाइन सर्च किया और पातंजलि योग ग्राम ट्रस्ट, हरिद्वार की साइट पर जाकर चाही गई जानकारी तीन किस्तों में जमा करवाई।

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जब वे पोती को लेकर हरिद्वार पहुंचे तो उन्हें बताया कि आपके नाम का तो पंजीयन है ही नहीं। तब उन्हें पता चला कि वे ठगा गए हैं। रिश्तेदारों से रुपए का इंतजाम करके जैसे-तैसे उन्होंने पोती का उपचार करवाया। सायबर सेल ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।

महानंदा नगर निवासी रमेश कर्नावट ने सायबर सेल को आवेदन देकर जानकारी दी कि उनकी वर्षीय पोती हिमाक्षी मधुमेह रोग से पीडि़त है। उन्हें जानकारी मिली थी कि पातंजलि योग ट्रस्ट, हरिद्वार के द्वारा मधुमेह का उपचार किया जाता है। उन्होंने 26 मई, 22 को गूगल पर सर्च किया और पातंजलि योग ट्रस्ट, हरिद्वार की साइट पर जाकर एक हेल्प लाइन नम्बर देखा।

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उन्होंने उस नंबर पर फोन किया तो दूसरी ओर से बताया कि उक्त बीमारी के उपचार का कुल खर्च 75 हजार रुपए लगेगा। साथ ही संचालित होने वाला खाता क्रं. 100144517034 में राशि जमा करवाने को कहा। उन्होंने बताए इंडस इंड बैंक के खाते में 26 मई, 22 को 75 हजार रुपए की राशि जमा करवाई।


कर्नावट ने बताया उनके मोबाइल फोन पर पतंजलि योग ग्राम ट्रस्ट से फोन आया। कहा कि 25 हजार रुपए पांच दिन के अतिरिक्त उपचार के लिए बैंक खाते में जमा करवाएं। उन्होंने 27 मई, 22 को जमा करवा दिए। 28 मई, 22 को पुन: फोन आया कि दवाइयों के लिए 21 हजार 200 रुपए खाते में जमा करवा दीजिये। इस पर उन्होंने उक्त राशि भी संबंधित खाते में डाल दी। इस प्रकार संबंधित खाते में उन्होंने कुल 1 लाख 21 हजार 200 रुपए ऑनलाइन जमा करवा दिए।

ऐसे पता चला की ठगा गए...कर्नावट के अनुसार जब वे पोती को लेकर 29 मई को हरिद्वार स्थित आश्रम पहुंचे और उपचार के लिए प्रवेश करवाने के लिए जमा की गई राशि की रसीदें बताई तो कहा इस नाम से कोई राशि ट्रस्ट के बैंक खाते में जमा नहीं हुई है।

संबंधित अधिकारी से भी बात की तो उन्होंने भी ऐसा कुछ होने से इंकार किया। चूंकि पोती का उपचार करवाना अनिवार्य था। अत: उन्होंने मौके से ही अपने परिचितों, रिश्तेदारों से चर्चा की और 30 मई, 22 को 49 हजार 900 रुपए जमा करवाकर पोती का उपचार करवाया।

प्रकरण दर्ज कर लिया….इस संबंध में चर्चा करने पर माधवनगर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रकरण दर्ज करके सायबर सेल को सूचित कर दिया गया है। वहां संबंधित मोबाइल नम्बर, जिससे ठगी की गई थी, को सर्विलांस पर रखकर वॉच की जा रही है। जल्द ही पुलिस आरोपी तक पहुंच जाएगी।

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