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28 वर्ष पूर्व हुई थी दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन की स्थापना

उज्जैन रीजन की अगुवाई में 28वां राष्ट्रीय अधिवेशन 7-8 जनवरी को

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उज्जैन। समन्वय-समता एवं संगठन की लघु सोच ने आकार लिया और रोपित बीज आज बन गया वटवृक्ष, समाज की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना और संगठित होकर समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में युवा शक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज से 28 वर्ष पूर्व दिगंबर जैन सोशल गु्रुप फेडरेशन की स्थापना हुई।

30 जुलाई 1984 को स्थापित यह संस्था अपने उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रही है। आज देश में 16रीजन, 365 ग्रुप और 36000से अधिक सदस्यगण अपनी सेेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सदस्यों में जागृति आए और आगामी वर्ष के लिए नई कार्य योजना बने और सभी को नेतृत्व का मौका मिले इस हेतु प्रतिवर्ष वृहद रूप से अधिवेशन का आयोजन होता है।

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इस वर्ष उज्जैन नगर को यह गौरव प्राप्त हुआ और उज्जैन रीजन की अगुवाई में 28वां राष्ट्रीय अधिवेशन 7-8 जनवरी को उज्जैन में हो रहा है। कांफ्रेंस के चेयरमेन प्रदीप झांझरी ने बताया कि कोरोनाकाल के बाद तीन वर्षों में प्रत्यक्ष उपस्थिति में यह अधिवेशन होगा। अभी तक 2700 लोगों का पंजीयन हो चुका है। अधिवेशन में इस बार गायन प्रतिभा चयन हेतु राष्ट्रीय स्वर संधि अंताक्षरी स्वर सुधा की प्रस्तुति होगी।

नृत्य प्रतिभा चयन हेतु राष्ट्रीय डीआईडी स्पर्धा और रीजन स्तर पर अनेक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के साथ विगत वर्षो में किए अच्छे कार्यों हेतु पदाधिकारियों का सम्मान ओर बैनर प्रजेन्टेशन के साथ ध्वज स्थापना कार्यक्रम होगा। अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश कासलीवाल, महामंत्री दिनेश दोशी एवं राष्ट्रीय संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल की विशेष उपस्थिति रहेगी।

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सेवा के लिए किया जाएगा सम्मान
इस वर्ष विशेष रूप से कोरोनाकाल में संपूर्ण देश में विभिन्न ग्रुपों ने लाखों रुपये खर्च कर जो सेवाएं प्रदान की है जैसे नगर में एंबुलेंस, ऑक्सीजन मशीनें, आइसोलेशन, भोजनशाला का संचालन, अनाज वितरण आदि कार्य किए उनका सम्मान किया जाएगा।

20 विभिन्न कमेटियां बनाई गई
संयोजक दिलीप सोगानी ने बताया कि उज्जैन में संचालित फेडरेशन की 6 इकाई कार्यरत है। इसमें आयोजन की सफलता हेतु 20 विभिन्न कमेटियां बनाई गई हैं जिसमें फेडरेशन की और से चेयरमेन प्रदीप झांझरी, सचिव पंकज जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप पंड्या, संयोजक जम्बु जैन धवल, दिलीप सोगानी, मुख्य समन्वयक देवेंद्र कांसल, सह समन्वयक जीवंधर जैन एवं ललित बडज़ात्या, पवन कासलीवाल, रूपेश सेठी, मनीष जैन बनाए गए हैं।

प्रमुख रूप से भोजन, आवास, यातायात, ध्वज स्थापना, पंजीयन और किट वितरण, बैनर प्रजेन्टेशन, सांस्कृतिक समितियां तैयारी में संलग्न है। कान्हा वाटिका में विशाल परिसर में आदिनाथ निलय के रूप में तैयार किया जाएगा जहां लगभग 3 हजार सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी तथा विशाल 50 बाय 30 के मंच पर अतिथियों के साथ देशभर के 60 पदाधिकारी मंचासीन होंगे। इस अवसर स्मारिका का प्रकाशन कीर्ति पंड्या एवं प्रतीक चौधरी के संपादन में किया जाएगा।

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