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धूमधाम से निकली बाबा महाकाल की श्रावण मास की आखिरी सवारी

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:श्रावण मास का अंतिम सोमवार है और भगवान महाकालेश्वर पूरी तरह शिवभक्ति में डूबी नजर आ रही है। महाकाल की आठवीं सवारी निकली । इसमें भगवान श्री रूद्रेश्वर नया सप्तधान मुखारविंद के रूप में भक्तों को दर्शन दिए ।महाकालेश्वर मंदिर से श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भगवान महाकाल की आठवीं सवारी मंदिर परिसर से शाम 4 बजे निकली ।

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सवारी में भगवान श्री महाकालेश्वर रजत पालकी में चन्द्रमौलेश्वर के रूप में विराजित हुए । हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिव तांडव और नन्दी रथ पर उमा-महेश, डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, नवीन रथ पर श्री घटाटोप स्वरुप और दूसरे नवीन रथ पर श्री जटाशंकर और रथ पर नए स्वरूप श्री रूद्रेश्वर नया सप्तधान मुखारविंद शामिल होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले । सवारी के के पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में सर्व प्रथम भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन कर भगवान की आरती होगी। इसके बाद रजत पालकी में विराजित अवन्तिका के महाराज भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर नगर भ्रमण की ओर रवाना होंगे। मंदिर के मुुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया ।

इसके बाद सवारी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची । रामघाट पर श्री चन्द्रमोलेश्वर व श्री मनमहेश का मोक्षदायिनी मां शिप्रा के जल से अभिषेक पूजन के बाद सवारी रामघाट से रामानुज कोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। श्रावण मास के बाद अब भादौ में भगवान महाकाल की दो सवारी निकलेगी।

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