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कई प्रमुख शहरों में 25 रुपए प्रति किलो प्याज का विक्रय, उज्जैन में फिलहाल नहीं

नाफेड ने बड़े शहरों खोल दिए प्याज गोदाम के द्वार, उज्जैन में गिरे दाम

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:विधानसभा चुनाव के बीच प्याज के बढ़ते दामों ने सरकार को चिंता में डाल दिया था। सस्ता प्याज बेचने के लिए सरकार की एजेंसी ने प्रदेश के बड़े शहरों अपने गोदाम के द्वार खोल दिए। इसका नतीजा यह रहा कि उज्जैन में प्याज के दामों में गिरावट आ गई। थोक मंडी में कुछ दिन पहले 60-64 रु.किलो बिकने वाले प्याज के दाम 30 से 40 रुपए किलो पर आ गए।

एक सप्ताह पहले उज्जैन के साथ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में प्याज के दाम 60 से 80 रुपए किलो से ऊपर पहुंच गए हैं। यहां प्याज के दाम तब बढ़े हैं, जब पूरे प्रदेश में विधानसभा चुनाव का माहौल है। इसके साथ ही दीपावली जैसा बड़ा पर्व भी पास में ही है। ऐसे में, लोगों की रसोई से प्याज दूर न हो, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नाफेड) ने अपना भंडार खोल दिया है।

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कई प्रमुख शहरों नाफेड वैन के माध्यम से 25 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज बेचना प्रारंभ कर दिया। उज्जैन में नाफेड के प्याज की बिक्री प्रारंभ नहीं हुई है,लेकिन इस यहा असर हुआ है। उज्जैन में प्याज के दाम कुछ कम हो गए है। इस संबंध मंड़ी के जानकारों के अनुसार प्याज के बढ़ते दामों के कारण जमाखोरी की प्रवृत्ति वाले लोगों ने प्याज की सप्लाई रोक रखी थी,ताकि भाव अधिक बढऩे का लाभ लिया जा सकें।

इस बीच सरकार ने सस्ते प्याज उपलब्ध कराने का निर्णय लेकर नाफेड के माध्यम से प्याज की बिक्री प्रारंभ कर दी। इसका परिणाम रहा कि उज्जैन में नए-पुराने प्याज की आवक आंशिक तौर पर बढ़ी और दाम कुछ कम हो गए।

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चिमगनंज थोक मंडी में प्याज की आवक

इधर उज्जैन की चिमगनंज मंडी स्थित थोक प्याज मंडी में गुरुवार को 8 हजार कट्टे प्याज की आवक रही। भाव 30 से 40 रुपए अधिकतम रहे। 60-64 रुपए तक पहुंचा प्याज अब कम दामों पर बिकने लगा है। मंड़ी में प्याज की सामान्य आवक के साथ ही आने वाले दिनों में महाराट्र, राजस्थान और कर्नाटक की कच्ची-पक्की प्याज आने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि नया सीजन प्रारंभ होने के पहले सीजन के अंतिम दौर प्याज के भाव में आई तेजी का किसानों को लाभ नहीं मिला है। किसान एक माह पहले अपना करीब 80 फीसदी प्याज बेच चुके थे। उस दौरान भाव 20 -25 रुपए किलो तक रहें।

हर जिले में बिक्री होगी

नाफेड के राज्य प्रमुख अमित तनेजा के अनुसार इंदौर और भोपाल के साथ प्रदेश के कुछ शहरों में वैन के माध्यम से प्याज की बिक्री की गई।नाफेड जबलपुर,ग्वालियर, सागर और मुरैना में भी प्याज की बिक्री शुरू करेगा। धीरे-धीरे सभी प्रक्रिया सभी जिलों में शुरू कर दी जाएगी। नाफेड 25 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराता रहेगा। बताया जा रहा है कि नाफेड के पास अभी डेढ़ लाख टन प्याज का भंडार है। मध्यप्रदेश में ही 750 टन प्याज नाफेड का रखा हुआ है। अभी इसी को बेचा जा रहा है।

नाफेड नासिक से सीधे प्याज खरीदकर भी लोगों को कम दाम पर उपलब्ध कराएगा। जब तक प्याज दाम सामान्य नहीं हो जाते, तब तक नाफेड के माध्यम से प्याज की बिक्री जारी रहेगी। अभी तक अकेले इंदौर में करीब सात टन प्याज इंदौर में बेचा जा चुका है। नाफेड द्वारा सस्ता प्याज बेचे जाने से लोगों को तो कम कीमत पर प्याज मिल रहा है छोटे शहरों भाव पिछले दिनों की तुलना में कम हो गए है। जमाखोरों ने नुकसान से बचने के लिए मंडिय़ों में भेजना प्रारंभ कर दिया है।

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