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कवि डॉ. यादव की पुस्तक चार बूंद के विमोचन पर बालयोगी उमेशनाथजी ने कहा

आध्यात्मिक जागृति के लिए साहित्य सृजन जरूरी

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन सामाजिक, आध्यात्मिक, राष्ट्रीय जागृति के लिए साहित्य सृजन जरूरी है कवि सदैव आम आदमी के दर्द को मुखर करता है कवि सुरेशसिंह यादव ‘सुबोध’ की चार बूंद पुस्तक गीत, भजन, दोहे, गजल की महत्वपूर्ण कृति है।

यह विचार राज्यसभा सांसद वाल्मीकि धाम के संस्थापक बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने स्व. श्रीमती सुंदरदेवी स्मृति फाउंडेशन समिति संस्थान द्वारा प्रेस क्लब भवन में आयोजित कवि श्री यादव की पुस्तक चार बूंद काव्य संग्रह के विमोचन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। अध्यक्षता साहित्यकार डॉ. शिव चौरसिया ने करते हुए कहा कि उज्जैन की गौरवशाली साहित्य परंपरा विश्व प्रसिद्ध है। चार बूंद काव्य कृति की रचना सार्थकता लिए हुए है। विशेष अतिथि नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने श्रेष्ठ काव्य कृति प्रकाशन पर बधाई दी।

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चार बूंद पुस्तक पर चर्चा विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा और अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज ने विचार रखे। प्रारंभ में मां सरस्वती पूजन के बाद अतिथियों का स्वागत सम्मान कीर्ति यादव, गोपाल यादव, हेमराज यादव ने किया। सरस्वती वन्दना मनीषा व्यास ने प्रस्तुत की। स्वागत भाषण कृष्ण कुमार यादव ने दिया। संचालन राष्ट्रीय कवि डॉ. रमेशचंद्र चांगेसिया प्रभात ने किया। आभार प्रमिला यादव ने माना।

इस अवसर पर सुगनचन्द जैन, संतोष सुपेकर, माया बधेका, शैलेन्द्र व्यास, सुखरामसिंह तोमर, डॉ. राजेश ठाकुर, आशीष ‘अश्क’, डॉ. राजेश रावल, विष्णु जोशी, सुरेन्द्र सर्किट, अनिल पांचाल, सतीश सागर, नंदकिशोर पांचाल, डॉ. रवि बंसल, सुनीता राठौर, डॉ. स्वामीनाथ पांडेय, आदि मौजूद रहे। जानकारी डॉ. कृष्ण कुमार यादव ने दी।

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