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बारिश से बचने हरसिद्धि मंदिर में खड़े थे श्रद्धालु, बाहर निकाला

तथाकथित मंदिर कर्मचारी ने श्रद्धालुओं से की अभद्रता

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 52 शक्तिपीठों में से एक हरसिद्धि मंदिर में शुक्रवार शाम बारिश से बचने के लिए मंदिर के अंदर खड़े कुछ श्रद्धालुओं के साथ तथाकथित मंदिर कर्मचारी ने अभद्रता की और उन्हें हाथ पकडक़र बाहर की ओर धकेल दिया। श्रद्धालुओं ने पहले तो उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वह नहीं माना तो उनका भी सब्र जवाब दे गया जिसके चलते उनकी बीच जमकर बहस हुई। इसके बाद श्रद्धालु आहत मन के साथ मंदिर से बाहर निकल गए।

दरअसल, श्री महाकाल लोक बनने के बाद से पर्यटकों की संख्या में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा श्रद्धालु गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से आ रहे हैं। ३ अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, ऐसे में हरसिद्धि मंदिर में भी भक्तों की भीड़ बढ़ी है। जिला प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने के निर्देश मंदिरों में तैनात कर्मचारियों एवं सुरक्षागार्डस को दिए हैं, बावजूद इसके हरसिद्धि मंदिर में इस तरह का वाकया होना कहीं ना कहीं शहर की प्रतिष्ठा पर दाग लगाने जैसा है।

ना यूनिफॉर्म, ना आईकार्ड

जिस तथाकथित कर्मचारी ने श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता की उसने ना तो कोई यूनिफॉर्म पहन रखी थी और ना ही गले में आईकार्ड था। ऐसे मेें यह सवाल जरूर उठता है कि ऐसे कैसे कोई भी व्यक्ति स्वयं को कर्मचारी बताते हुए श्रद्धालुओं से इस तरह व्यवहार कर सकता है। इस संबंध में जब एसडीएम एलएन गर्ग से चर्चा करने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो सकी।

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