महाराष्ट्र के भक्तों से ऑनलाइन ठगी, रूम बुक कराए यहां आकर पता चला कमरा तो किसी ओर के नाम था

पुलिस भी लाचार, इन ठगों का एक ही इलाज, सावधान रहें, सोच समझकर बुक करें
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए इन दिनों देश भर से उनके भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो ऑन लाइन बुकिंग के आदी हैं और कुछ यहां आकर ही एजेंटों से संपर्क साध रहे हैं। ऑन लाइन का एक फायदा है तो दूसरा नुकसान भी।
कतिपय ठगों ने यहां की धर्मशालाओं को होटलों के नाम से साइट बना रखी है। वे बड़ी रकम लेकर बुकिंग तो कर देते हैं, लेकिन वह बुकिंग सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है। यहां आने के बाद पता चलता है कि जो कमरा बुक हुआ था, वह किसी और के नाम पर बुक है, यानी आपके साथ धोखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। सिर्फ सावधानी ही बचाव है।
होटल के नाम पर की 6 हजार की ठगी
महाराष्ट्र की महिलाओं ने महाकाल मंदिर समिति को शिकायत की । बताया गया कि होटल में रुकने के लिए वेबसाइट तलाश की गई। बहुत सारी होटलों और धर्मशालाओं के नाम सामने आए। मंदिर ट्रस्ट की होटल पर भरोसा किया गया। इसी लिहज से एक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर संपर्क पर बुकिंग की गई। 5 नवंबर को यूपीआई से 6 हजार रुपए भी ट्रांसफर किए गए। हम लोग निश्चिंत थे कि बुकिंग हो गई है। टे्रन से उज्जैन पहुंचे। जब आए और तो बताया कि आपके नाम से कोई बुकिंग नहीं है। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं ने इस तरह की ठगी की शिकायत की है। अक्षर विश्व ने समय-समय पर लोगों को आगाह किया है कि वे इस तरह की साइट्स संचालकों के झांसे में न आएं।
सूरत के पति-पत्नी भटकते रहे
पिछले दिनों सूरत से पति-पत्नी दर्शन करने के लिए उज्जैन आए। उन्होंने भी परेशानी से बचने के लिए ऑन लाइन सेवा का लाभ लिया। महाकाल भक्त निवास के नाम से साइट खुली। महाकाल का नाम आते ही उन्होंने सोचा कि यह साइट ठीक है। उसमें नबंर दिया गया था। उस नंबर पर बात की गई। एक कमरा बुक हो गया।
दो दिन के आठ हजार रुपए ऑन लाइन ले लिए गए। बदले में एक प्रिंट आउट मिला। यहां आकर भक्त निवास पहुंचे। मैनेजर को बताया कि हमारे नाम से दो दिन के लिए कमरा बुक है। मैनेजर ने समझाया कि आपके साथ ठगी हुई है। यहां कोई कमरा बुक नहीं है। वे दोनों महाकाल थाना पहुंचे। पुलिस ने भी हाथ जोड़ लिए। समझा दिया कि ऐसे केस रोज आ रहे हैं। आप सावधान रहिए। इसी में भलाई है। ठग किसी भी प्रकार से ठगी कर सकते हैं।









