महाकाल मंदिर में अराजकता का आलम, भस्मार्ती प्रवेश को लेकर फिर हुआ विवाद

नेशनल मीडिया पर फिर आया विवाद का वीडियो
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अक्षरविश्व न्यूज| उज्जैन। महाकाल मंदिर में भस्मार्ती प्रवेश को लेकर विवाद हुआ। विवाद का यह वीडियो इतना वायरल हुआ कि नेशनल मीडिया पर भी आ गया। प्रशासक उज्जैन में नहीं हैं। सहायक प्रशासक का कहना है कि जिन्होंने मारपीट की है उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
महाकाल मंदिर के कर्मचारी ओम जोगी का कहना है कि वह मंदिर समिति द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुसार गेट पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। भस्मार्ती में आने वाले श्रद्धालुओं की कलाई पर बंधी रिस्ट बैंड देख रहे थे।
इसी बीच दो लोगों ने दस लोगों की अनुमति दिखा कर 20 लोगों को प्रवेश कराने का प्रयास किया। इसका विरोध किया गया। मामला तूल पकड़ गया। दोनों लोगों ने उसके साथ न सिर्फ धक्कामुक्की बल्कि मारपीट भी की। काफी देर तक मंदिर में हंगामा हुआ। जोगी का कहना है कि वे अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते हैं। जब तक ड्यूटी करेंगे बगैर अनुमति वालों को प्रवेश नहीं करने देंगेे।
विवाद की शिकायत मिली है- धाकड़
महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ का कहना है कि उनकी माताजी स्वास्थ्य ठीक नहीं है। वे इस इस समय गांव में हैं। शिकायत मिली है। जांच की जाएगी।
वीडियो सौंप दिया है
जोशी का कहना है कि गेट नंबर एक पर जो हुआ वह वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है। वही वीडियो मंदिर समिति को सौंप दिया गया है। अब इसकी जांच होना चािहए। यह मामला छोटा नहीं है। यदि जांच की जाए तो बड़े मामले उजागर होंगे।
जांच की जाएगी
महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल का कहना है मंदिर समिति के कर्मचारी ओम जोगी की शिकायत मिली है। मोहन अजमेरी और सोनू जाटवा के नाम सामने आए हैं। पीड़ित कर्मचारी से कहा गया कि वह महाकाल थाना प्रभारी से संपर्क स्थापित कर शिकायत दे।
सुरक्षा कर्मचारी क्या रहे थे
मंदिर के कर्मचारी जोगी ने लोगों को रोकने का प्रयास किया और मारपीट हुई। जब यह सबकुछ हो रहा था तब मंदिर समिति की ओर से तैनात क्रिस्टल कंपनी के कर्मचारी कहां थे? उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश क्यों नहीं की। वे इस घटना के चश्मदीद गवाह भी हो सकते हैं। जोगी का साथ क्यों नहीं दिया? इसकी भी जांच होना चाहिए।









