India-Russia Ties: पुतिन के विदेश मंत्री बोले—PM मोदी सबसे जीवंत नेता, भारत को जारी रहेगा तेल सप्लाई
रूस के विदेश मंत्री ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत को तेल आपूर्ति जारी रहेगी।

नई दिल्ली में आयोजित होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले रूसी विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने भारत के प्रति रूस की नीति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने भारत और रूस के बीच के संबंधों की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच की दोस्ती मजबूत और भरोसेमंद है। Lavrov ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस आने वाले समय में भी भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा और हर परिस्थिति में भारत का विश्वसनीय ऊर्जा साझेदार बना रहेगा।
Moscow: भारत दौरे से पहले रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की खुलकर प्रशंसा की है। उन्होंने रूस और भारत के बीच के द्विपक्षीय संबंधों को भी सराहते हुए इसे अत्यंत मजबूत और गहरा बताया है। Lavrov ने कहा कि PM Modi दुनिया के सबसे ऊर्जावान और जीवंत नेताओं की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने PM Modi के कार्य करने के जोश और उनकी कार्यशैली की भी भरपूर तारीफ की। इसके साथ ही Lavrov ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस भारत की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि रूस निरंतर भारत को तेल निर्यात करता रहेगा और इस दिशा में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
PM Modi की भरपूर तारीफ
Lavrov ने कहा, “प्रधानमंत्री Modi विश्व के सबसे ऊर्जावान और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनके भीतर असाधारण ऊर्जा तो है ही, साथ ही वे इस ऊर्जा को अत्यंत महत्वपूर्ण लक्ष्यों और उपलब्धियों की दिशा में लगाते हैं — चाहे वह देश की अर्थव्यवस्था हो, सैन्य सुरक्षा हो, सांस्कृतिक विकास हो, या फिर भारत की उस अनूठी और गौरवशाली सभ्यतागत विरासत को संजोए रखना हो, जो पूरी दुनिया में केवल भारत के पास है।” Lavrov ने यह बातें बुधवार से नई दिल्ली में शुरू होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत रवाना होने से पहले कही हैं।
“जो लोग रूस और भारत की मित्रता के आगे के सफर को लेकर मन में कोई शंका या चिंता रखते हैं, मेरा मानना है कि उन्हें किसी प्रकार की फिक्र करने की कोई आवश्यकता नहीं है।”
— Sergei Lavrov, रूसी विदेश मंत्री
भारत को Russian तेल आपूर्ति जारी रहेगी — Lavrov का भरोसा
रूसी विदेश मंत्री से जब यह सवाल किया गया कि रूस से भारत की तेल खरीद में काफी कमी आई है और क्या इस वजह से रूस भारत को एक साझेदार के रूप में अलग नजरिए से देखने लगा है, तो Lavrov ने स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया, “नहीं, इस गिरावट का भारत से कोई संबंध नहीं है। यह सब United States द्वारा लिए गए एक गैरकानूनी निर्णय का परिणाम है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं आपको पूरे विश्वास के साथ यह आश्वासन दे सकता हूं कि भारत के हितों और रूसी ऊर्जा आपूर्ति पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। पश्चिमी देशों के अनुचित और एकतरफा उपायों का हमारी आपसी व्यवस्थाओं पर कोई असर न पड़े, इसके लिए हम हर संभव प्रयास करते रहेंगे।”
भारत-रूस संबंधों पर Lavrov का बयान
Lavrov ने कहा, “जो लोग रूस और भारत की मित्रता के भविष्य को लेकर मन में कोई चिंता पाले हुए हैं, मेरे विचार से उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वैश्विक ताकतें रूस और भारत के बीच के रिश्तों को “कमजोर” करने की भरसक कोशिश कर रही हैं, लेकिन “इन तमाम प्रयासों का कोई नतीजा नहीं निकलता।”
ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के संबंधों पर बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि “भारत को आजादी मिलने के बाद लंबे अरसे तक किसी भी पश्चिमी देश ने भारत के सैन्य विकास में सहयोग करने में कोई रुचि नहीं दिखाई,” जबकि रूस ने न केवल भारत को हथियार बेचे, बल्कि भारत में ही निर्मित होने वाले अनेक प्रकार के हथियारों और रक्षा उपकरणों के लिए जरूरी Technology भी साझा की।









