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रात होते ही सूनसान राहों में होती है शराबखोरी

शराबखोरी- जो घर में बैठ कर नहीं पी सकते वे कार में बैठ कर ढूंढते हैं सन्नाटा

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कुछ लोग मोबाइल पर सूचना मिलते ही उपलब्ध करवा देते हैं खार-मंजन

सड़क किनारे खड़ी कारों में बैठे लोग आनंद लेते हैं शराब का

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अक्षरविश्व न्यूज”उज्जैन। बीयर बार में जाएंगे तो कोई देख लेगा। अहाते में जाने का तो सवाल ही नहीं उठता। किसी मित्र के घर बैठ कर महफिल सजाने की अनुमति नहीं है। अब क्या करें? पीने वालों ने नया रास्ता निकाला है। सूनसान इलाके छांट रखे हैं। इन इलाकों में पुलिस का भी डर नहीं। अभी तक पुलिस ने इन सूनसान इलाकों में छापेमारी नहीं की है। यदि थोड़ा सा प्रयास करे तो कई लोग शराबखोरी करते हुए पकड़ में आ सकते हैं।

रात में उदयन मार्ग पर अंधेरा छाया रहता है। यहीं से एक रास्ता विक्रम नगर की ओर जाता है। रात १० बजे बाद इस मार्ग पर जमकर शराबखोरी होती है। जो लोग बीयर बार नहीं जाते वे कार लेकर आते हैं और रास्ते में कार पार्क कर शराब का आनंद उठाते हैं। यदि पुलिस इस इलाके में गश्त करे तो रास्ते के दोनों ओर कई वाहन खड़े मिल जाएंगे। लोगों ने तो यहां तक बताया कि कुछ लोग फोन पर शराब और खार-मंजन उपलब्ध करवा देते हैं। इन शराबियों के कारण इस क्षेत्र में कोई बड़ा विवाद हो सकता है।

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बड़नगर रोड पर भी होती है शराब पार्टी

भूखी माता मंदिर होते हुए बड़नगर रोड पर भी शराबियों की महफिल जमती है। इस इलाके में भी अमूमन अंधेरा छाया रहता है। शराब के शौकीन यहां भी अपने दोस्तों के साथ आते हैं और जाम लड़ा कर चले जाते हैं। पिछले दिनों इसी मार्ग पर दो कारों में सवार युवकों में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। विवाद का कारण पैसा नहीं शराब थी। दरअसल शराब खरीदने और भुगतान करने की बात को लेकर झगड़ा हुआ था। कार में सवार कुछ समझदार लोगों की वजह से मामले ने तूल नहीं पकड़ा अन्यथा पुलिस को एक और मामले की तहकीकात करना पड़ती।

त्रिवेणी विहार के सन्नाटे में

त्रिवेणी विहार के इलाके में आप रात में दौरा कीजिए। इस इलाके में बहुत से मकान अभी नहीं बने हैं। यहां के रास्तों में कारें खड़ी दिखाई देंगी। इन्हीं कारों में शराब का दौर चलता है। एक दो घंटे बिताने के बाद शराबियों की टीम इलायची का आनंद लेने के लिए देवास गेट जाती है। यहां भी रात के समय कुछ दुकानें खुली रहती हैं। कई बार देखा गया है कि शराब पीने वाले खाक चौक और मकोड़ियाआम चौराहे के बीच भी महफिल जमा लेते हैं। मकोड़ियाआम पुरानी रेलवे कॉलोनी के सामने फुटपाथ को भी शराबियों ने अपना अड्डा बना रखा है।

सामाजिक न्याय परिसर में

सामाजिक न्याय परिसर में रात दस बजे बाद कई लोग आते हैं और दीवार के साए में बोतल खोल कर बैठ जाते हैं। कुछ तो घर से चादर लेकर आते हैं और बिछा कर मजे से बैठे रहते हैं। इस इलाके में मोबाइल छीनने की कई वारदातें भी हो चुकी हैं। शराब के नशे में शराबी आने-जाने वालों से उलझ जाते हैं। यही कारण है कि बहुत से लोगों ने रात के समय यहां से निकलना बंद कर दिया है। वे तुलसी नगर होते हुए देवासगेट या कंठाल जाते हैं।

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