शीघ्र दर्शन के नाम पर 250 कदमों के लिए भक्तों को 250 रुपए का फटका

अवंतिका द्वार से साथ जा रहे शहरवासी और शीघ्र दर्शन रसीद वाले श्रद्धालु, दर्शन करने में लगने वाला समय भी एक जैसा
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पैसा बोलता है। यदि आपको सामान्य दर्शनार्थियों से हटकर शीघ्रता से दर्शन करना है तो इसके लिए 250 रुपए चुकाने होंगे। हालांकि, शीघ्र दर्शन के नाम पर श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति श्रद्धालुओं को फटका लगा रही है। महज 250 कदमों के लिए श्रद्धालुओं से 250 रुपए वसूले जा रहे हैं और उन्हें इसका अंदाजा भी नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालु बाहर से यहां आते हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती।
दरअसल, शहरवासियों की मांग को देखते मंदिर समिति की बैठक में गेट क्रमांक 1 अवंतिका द्वार से उज्जैन के निवासियों को प्रवेश देने का निर्णय लिया गया था। 11 जुलाई से इसकी शुरुआत हुई थी। यहां से आधार कार्ड दिखाकर शहरवासी बिना लाइन में लगे टनल से होते हुए सीधे भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं। इसी गेट से कुछ माह पहले शीघ्र दर्शन वालों को भी प्रवेश दिया जाने लगा। इसके लिए उनसे 250 रुपए लिए जा रहे हैं।
इससे मंदिर की आय तो बढ़ रही है लेकिन श्रद्धालुओं को फटका लग रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अवंतिका द्वार से उज्जैन के निवासी और शीघ्र दर्शन वाले श्रद्धालु एक साथ अलग-अलग लाइन में होते हुए टनल के पास पहुंचते हैं। अवंतिका द्वार से यहां तक की दूरी 180 कदमों की है।
यहां से सामान्य और शीघ्र दर्शन वाले श्रद्धालु एक साथ पालकी हॉल तक पहुंचते हैं और वहां से अलग हो जाते हैं। यहां से भगवान महाकाल के दर्शन करने के लिए करीब 20 से 25 फीट की दूरी तय करना होती है और फिर श्रद्धालु बाहर निकल जाते हैं। दोनों के दर्शन का समय भी लगभग समान है। इस तरह करीब 250 कदमों के लिए श्रद्धालुओं को 250 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।
इस संबंध में प्रशासक गणेश धाकड़ को उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ था। इसी तरह सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल से चर्चा करना चाही लेकिन उन्होंने भी कॉल रिसीव नहीं किया।









