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रैकी के बाद कार से उड़ाए नौ लाख और उज्जैन आ गए, पुलिस पहुंची है रतलाम

दरवाजे का दंश, कार का दरवाजा बंद कर दिया होता तो इतनी बड़ी चपत नहीं लगती

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सीसीटीवी फुटेज में देवासगेट तक दिखे हैं बदमाश

लखपति बनने के बाद वैन किराए पर लेकर भैरवगढ़ आए बीके यादव की बस से चारों बदमाश रतलाम गए

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। कार का दरवाजा बंद न करना कितना भारी पड़ सकता है यह इंदौर के दंपत्ति ही बता सकते हैं। उन्होंने उन्हेेल में यह गलती की और नौ लाख रुपए गवां बैठे। अब उनकी राशि जब्त करने के लिए पुलिस मशक्कत कर रही है। बदमाशों की देवासगेट उज्जैन तक की लोकेशन मिल गई है। पुलिस की एक टीम रतलाम गई है।

घटना इस प्रकार बताई जाती है कि इंदौर के पूर्णिमा पार्क रिंग रोड निवासी प्रेमचंद राठौर अपनी पत्नी ज्योति के साथ सुबह नागदा के लिए निकले। कार क्रमांक एमपी 09 डीएन 2776 से उन्हेल सुबह 8.50 बजे पहुंचे। यहां दोनों की इच्छा हुई कि उन्हेल की मशहूर कचोरी का आनंद लिया जाए। बस स्टैंड पर कचोरी वालों के कई ठेले हैं।

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कार वहीं पर पार्क कर दी। पे्रमचंद ने कहा, मैं कचोरी लेकर आता हूं तुम यहीं कार में रुको। वे कचोरी लेने चले गए। इसी बीच ज्योति लघु शंका के लिए चली गईं, लेकिन कार का दरवाजा लॉक नहीं किया। कार में नौ लाख रुपए से भरा बैग रखा था। इधर से प्रेमचंद कचोरी लेकर आए और उधर से ज्योति भी आ गईं। सबसे पहले कार की सीट पर ही नजर पड़ी। दोनों के हौश उड़ गए। सीट से बैग गायब था।

दरवाजा तो बंद करना था

दोनों ने कार को छान मारा, लेकिन बैग नहीं मिला। इसी बीच कुछ लोग वहां आ गए और सलाह दी गई कि सबसे पहले पुलिस को सूचना दी जाए। दोनों उन्हेेल थाना पहुंचे। थाना प्रभारी अशोक शर्मा मौजूद थे। प्रेमचंद ने पूरी घटना बता दी। थाना प्रभारी ने एक ही बात कही, कार का दरवाजा तो बंद करना था। खैर, वे पुलिस टीम के साथ बस स्टैंड पहुंचे। लोगों से बात की और सीसींटीवी देखे गए।

नाबालिग कार का दरवाजा खोल रहा है

सीसीटीवी से पता चला कि एक नाबालिग कार का दरवाजा खोल रहा है। वइ बैग लेकर आगे बढ़ रहा है। इसके बाद वह तीन लोगों के संपर्क में आता है। इतनी जानकारी पुलिस के लिए पर्याप्त रहती है। थाना प्रभारी बस स्टैंड पर कार वालों से बात करते हैं। जानकारी मिलती है कि कार मारुति वैन अभी कुछ देर पहले रवाना हुई है। दिनेश कपासिया कुछ लोगों को लेकर उज्जैन गया है।

देर रात तक तलाशते रहे बदमाशों को

उन्हेल थाना के प्रधान आरक्षक कालूराम ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस हरकत में आ गई थी। थाना प्रभारी अशोक शर्मा खुद आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरी टीम लेकर उज्जैन गए। जब यहां से पता चला कि बदमाश देवासगेट बस स्टैंड से रतलाम के लिए रवाना हुए हैं। तब टीम ने पीछा किया और रतलाम तक पहुंचे। देर रात तक पुलिस टीम रतलाम और आसपास के इलाकों में छापे मार रही है।

यह गलती की प्रेमचंद और ज्योति ने

आजकल बैंकिग प्रणाली ऑन लाइन हो गई है। नौ लाख रुपए नागदा बैंक में जमा करने जा रहे थे। आरटीजीएस कर सकते थे। नकद ले जाने की जरूरत क्या थी? ज्योति को पता था कि हम इतनी बड़ी राशि लेकर जा रहे हैं। कार का दरवाजा लॉक करना था। प्रेमचंद का इंतजार करना था। यही लापरवाही भारी पड़ी।

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