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चरक अस्पताल में एसी और लिफ्ट का रखरखाव सालों से नहीं, लोग परेशान

31 एसी भी गायब मिले, कलेक्टर के निर्देश के बाद भी एफआईआर नहीं

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। चरक अस्पताल में लगे एसी और लिफ्ट का संधारण, संचालन कार्य ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा था। उन्हें वर्षों तक मेंटेनेंस के नाम पर 84 हजार रुपए प्रतिमाह का भुगतान होता रहा लेकिन ठेकेदारों ने एक बार भी कार्य नहीं किया। जब नए ठेकेदार ने टेक ओवर प्रक्रिया की तो पता चला कि 31 एसी भी नहीं हैं। कलेक्टर ने ठेकेदारों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश सिविल सर्जन को दिए। उन्होंने आरएमओ के माध्यम से कोतवाली थाने में शिकायती आवेदन दिया लेकिन एफआईआर आज तक नहीं हो पाई है।

2 साल का ठेका, 2 वर्ष की अवधि और बढ़ाई

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दिल्ली रेफ्रीजरेशन कंपनी इंदौर को फरवरी 2020 में चरक अस्पताल में लगे 4 कूलिंग टॉवर, 40 स्प्लिट एसी, 92 कैसेट एसी का संधारण, संचालन करने का ठेका दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए ठेकेदार को 84 हजार रुपए प्रतिमाह भुगतान कर रही थी। इस ठेके की अवधि 2 वर्ष थी। ठेका अवधि पूरी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसका कार्यकाल दो वर्ष और बढ़ा दिया था। इसी प्रकार लिफ्ट का ठेका भी दिया गया था।

दोनों ठेकेदारों ने नहीं किया मेंटेनेंस

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एसी और लिफ्ट का ठेका लेने के बाद ठेकेदारों द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर प्रतिमाह भुगतान लिया गया। तत्कालिन सिविल सर्जन और अन्य अफसरों ने कभी ठेकेदार के काम को चैक करने की जहमत तक नहीं उठाई। स्थिति यह रही कि जो एसी लगे थे वह बंद होकर कम होते चले गए। लिफ्ट भी खस्ता हाल हो गई।

ऐसे खुली पोल

ठेकेदारों द्वारा ठेका शर्तों के अनुसार काम नहीं करने की शिकायत कलेक्टर नीरज कुमार सिंह तक पहुंची। उन्होने नए टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। अब उज्जैन की कंपनी द्वारा 93 हजार रुपए प्रतिमाह के ठेके पर चरक अस्पताल के एसी के संधारण, संचालक का काम अपने हाथ में लिया। इस दौरान दोनों ठेकेदारों के बीच हुई टेक ओवर प्रक्रिया मेें पोल खुली की अस्पताल में लगे 20 में से 4 स्प्लिट एसी, 92 कैसेट के 27 एसी कुल 31 एसी नहीं हैं। इसकी शिकायत कलेक्टर तक पहुंची तो उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. अजय दिवाकर को ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।

इनका कहना

थाने में आरएमओ की तरफ से शिकायती आवेदन दिया गया था। मेरी जानकारी में ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है।डॉ. अजय दिवाकर सिविल सर्जन

कलेक्टर ने सिविल सर्जन को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। डॉ. अशोक पटेल सीएमएचओ

मामला अभी जांच में है। एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। जांच के बाद मामले में केस दर्ज कर लिया जाएगा।-दीनबंधु सिंह तोमर टीआई थाना कोतवाली

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