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देश के चित्रकार तस्वीरों में उतारेंगे उज्जैन का इतिहास

विक्रमोत्सव: मार्च में होगा कार्यशाला का आयोजन, नामचीन चित्रकार आएंगे

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। अगले माह से आरंभ होने वाले विक्रमोत्सव में देश के नामचीन और स्थानीय चित्रकारों का समागम भी होगा और वे उज्जैन के इतिहास को कैनवास पर उतारेंगे। इन चित्रों को तस्वीरों में संजोया जाएगा और प्रदर्शनी के तौर पर दुनिया के लोग निहार सकेंगे।

सम्राट विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन से आरंभ हुआ विक्रमोत्सव अब देश भर में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उत्सव को आरंभ किया था। इस बार विक्रमोत्सव 24 फरवरी से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। इस बार उत्सव का शुभारंभ राजधानी भोपाल से शुरू करने की तैयारी की गई है। संभावना है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सम्मिलित हो सकते हैं।

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समारोह में इस बार देश के बड़े चित्रकारों की एक कार्यशाला आयोजित करने की भी तैयारी शुरू हो गई है। खास बात यह कि इन चित्रकारों के साथ स्थानीय चित्रकार भी साथ रहेंगे और उज्जैन के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को अपनी कल्पना के रंग देंगे। ये चित्र सिंहस्थ नगरी उज्जैन के इतिहास को एक नया रूप देंगे। इसलिए चित्रकार श्रीकृष्ण जोशी और युवा चित्रकार तिलकराज सिंह कार्यशाला आयोजन की तैयारी कर रहे हैं।

इसके लिए मुंबई और दिल्ली सहित विदेशों के चित्रकारों से भी संपर्क किया जा रहा है। विक्रमोत्सव की आयोजन समिति से जुड़े पुराविद् डॉ. रमण सोलंकी ने बताया चित्रों को विक्रमोत्सव में प्रदर्शनी के रूप में देखा जा सकेगा। कोलकाता की निजी संस्था द्वारा विक्रमोत्सव-2024 को एशिया के सबसे लंबी अवधि (बिगेस्ट इवेंट अवार्ड) तक चलने वाले आयोजन के रूप में पुरस्कार के लिए चयनित किया जा चुका है।

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महाकाल मंदिर और महालोक का दृश्य भी नए रंग लेगा

प्रसिद्ध महाकाल मंदिर, महाकाल महालोक, हरसिद्धि, गढ़कालिका, वीर दुर्गादास की छतरी, कालियादेह पैलेस जैसे स्थानों पर कार्यशाला के अंतर्गत अपने चित्रों में कल्पना के रंग भरेंगे।विक्रमोत्सव एशिया का सबसे लंबी अवधि का आयोजन बन चुका है। यह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की ओर बढ़ रहा है। इस बार अनेक सांस्कृतिक आयोजन होंगे।-श्रीराम तिवारी, निदेशक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन

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