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देवासगेट का नया बस स्टैंड 75 करोड़ से बनेगा

योजना के मुताबिक नीचे बसें पार्क होंगी, ऊपर होटल रहेगा

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवासगेट स्थित जर्जर हो चुके शहीद राजाभाऊ महाकाल बस स्टैंड का उन्नयन 75 करोड़ रुपए से होगा। बेसमेंट में 70 कार, 250 बाइक और एक समय में २० बसें पार्क करने की सुविधा होगी। ऊपर के फ्लोर पर होटल भी संचालित होगा। नगर निगम परिषद से अनुमोदित कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए फिलहाल ड्राइंग-डिजाइन तैयार की जा रही है।
दरअसल, पिछले साल 25 अक्टूबर को नगर निगम परिषद ने 4.42 एकड़ क्षेत्र में फैले देवासगेट बस स्टैंड को तोडक़र वहां

अंतर्राष्ट्रीय स्तर का नया बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव पारित किया था जहां सभी सुविधाएं यात्रियों को मिल सकें। तब कार्ययोजना 50 करोड़ रुपए की प्रस्तावित थी जिसमें बहुमंजिला भवन में होटल का प्रावधान नहीं था। इसके बाद शहर में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के चलते निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए इसमें होटल बनाने की योजना को जोड़ दिया है।

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कहा गया कि बस स्टैंड ऐसा बनेगा जिसमें विशाल छत के नीचे एक समय में 20 बसें पार्क करने की सुविधा होगी। साथ ही यात्री बारिश और तेज धूप से भी बच सकेंगे। मालूम हो कि करीब 10 साल पहले (सिंहस्थ 2016 से पूर्व) नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत एयरपोर्ट की तरह बस स्टैंड बनाने की योजना बनाई थी। जिसके तहत 5-वे ट्रांसफर स्टेशन, 30 डिपार्चर-वे, 500 कार-बाइक पार्क करने के लिए मल्टीलेवल वाहन पार्किंग, पैदल चलने वालों के लिए स्काय ब्रिज और दुकानों का निर्माण किया जाना था।

इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वर्ष 2018 में उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अभिव्यक्ति की रुचि प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए थे। उसी दौरान रेलवे की जमीन प्राप्त करने को पत्र व्यवहार भी किया गया था लेकिन योजना विभिन्न कारणों के चलते अमलीजामा नहीं पहन पाई। अब सिंहस्थ 2028 में ज्यादा समय शेष नहीं बचा है, ऐसे में भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए देवासगेट बस स्टैंड का उन्नयन जरूरी हो गया है। ऐसे में इस पर काम किया जा रहा है।

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अभी बस स्टैंड की हालत खस्ता
वर्तमान में बस स्टैेंड की हालत एकदम खराब है। बिल्डिंग पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है। दीवारों और छतों से प्लास्टर उखड़ गया है जिससे सरिए बाहर झांक रहे है। बारिश के दिनों में बिल्डिंग की छत से पानी टपकता नहीं बल्कि बहता है। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में इसका निर्माण बेहद जरूरी है वरना कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

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