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स्टेशन प्लेटफॉर्म पर लगे जीआरपी के 17 कैमरे बंद

ट्रेन से उतरते ही महिला का पर्स उड़ाया, टिकट विंडो के पास से युवक का मोबाइल चोरी

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। यदि आप ट्रेन में यात्रा करने का मन बना रहे हैं तो सावधान हो जाएं। चोरों की गैंग प्लेटफॉर्म, टिकट विंडो, प्रतीक्षालय, परिसर में सक्रिय है। इन स्थानों पर लगे जीआरपी के सभी सीसीटीवी कैमरे बंद हैं और आरपीएफ के भी कुछ कैमरे काम नहीं कर रहे। पुलिस व आरपीएफ का चोरों पर अंकुश नहीं है जिसका खामियाजा यात्री भुगत रहे हैं।

यात्रियों की सुरक्षा और चोर, बदमाशों पर नजर रखने के लिए जीआरपी ने स्टेशन के प्लेटफॉम्र्स पर 17 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं जो वर्तमान में बंद हैं। आरपीएफ ने पूरे स्टेशन क्षेत्र में 78 कैमरे लगाए हैं जिनमें से कुछ कैमरे काम नहीं कर रहे। चोरों को इसकी पूरी जानकारी है। गैंग यात्रियों को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दे रही है। जीआरपी सिर्फ एफआईआर दर्ज कर रही है और आरपीएफ सुरक्षा के नाम पर नौटंकी कर रही है। महाकाल लोक बनने के बाद से शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री ट्रेनों से आवागमन कर रहे हैं। यात्रियों व उनके सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी जीआरपी और आरपीएफ की है, लेकिन वर्तमान में यात्री असुरक्षित हैं।

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सोने की चेन और नकद रुपए रखे थे पर्स में

बनास कांठा गुजरात निवासी मनीषा बेन पति राजेश कुमार अपने जीजा अशोक कुमार के साथ 26 फरवरी को जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस में भीलवाड़ा से उज्जैन के लिए यात्रा कर रही थीं। वह स्टेशन पर उतरीं उसी दौरान अज्ञात बदमाश ने उनका पर्स चोरी कर लिया। पर्स में सोने की दो चेन और 20 हजार रुपए नकद रखे थे।

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इसी प्रकार गुजरात निवासी कमलेश पिता रामभाई उज्जैन दर्शन करने आया था। यहां से लौटने के लिए वह रेलवे स्टेशन पहुंचा। ट्रेन लेट थी इस कारण वह टिकिट विंडो के सामने बैंच पर लेट गया। इसी दौरान अज्ञात बदमाश ने कमलेश के पेंट की जेब से मोबाइल चोरी कर लिया।

जहां वारदात वहां कैमरे बंद

जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार मनीषा बेन के साथ जिस जगह वारदात हुई वहां पर लगे जीआरपी के कैमरे बंद हैं। आरपीएफ के कैमरे में वारदात रिकॉर्ड नहीं हुई। ऐसे में चोर को तलाश कर पाना मुश्किल हो रहा है। पुलिस और आरपीएफ की टीम सिर्फ सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल की सीडीआर के भरोसे पुलिसिंग कर रहे हैं। इस कारण पुलिस सिर्फ मोबाइल चोरों को पकड़ पा रही है, अन्य वारदातों में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं।

शीघ्र सुधार कराया जाएगा

जीआरपी थाने के अंदर लगे 13 कैमरे चालू हैं। रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म व अन्य जगह लगे 17 कैमरे बंद हैं। कैमरों का मेंटेनेंस प्राइवेट कंपनी को करना है। उसे पत्र लिख चुके हैं। इंजीनियर कैमरे चैक करके गए हैं। इनका सुधार कार्य शीघ्र कराया जाएगा।-सोहनलाल पाटीदार, टीआई रेलवे थाना

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