महाकाल क्षेत्र के लोगों में दौड़ी खुशी की लहर नए मकान-गेस्ट हाउस का सपना पूरा होगा

राहत: तीन साल बाद महाकाल मंदिर क्षेत्र में नियमानुसार मकान निर्माण की अनुमति जारी होगी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। तीन साल बाद महाकाल मंदिर के 500 मीटर के दायरे में निर्माण करने पर लगी रोक अब हट गई है। इस निर्णय से वे लोग खुश हैं जो अपने मकान का पुनर्निर्माण करना चाहते या मकान को बेहतर लुक देने की तमन्ना रखते थे। निर्माण के लिए महाकाल क्षेत्र के लोग पिछले कई महीनों से नगर निगम के चक्कर काट रहे थे। अब उन्हें निर्माण के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। नगर निगम से नक्शा पास होगा और निर्माण की अनुमति भी मिल जाएगी।
नगर निगम उज्जैन ने पत्र जारी कर जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्णय अनुसार नगर निगम द्वारा महाकाल मंदिर के 500 मीटर एरिया में नियमानुसार निर्माण किया जा सकेगा। लंबे वक्त से जो प्रतिबंधित किया गया था अब प्रतिबंध हटा दिया गया है। शिवलिंग क्षरण के दौरान लगी याचिका के बाद 500 मीटर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के आदेश थे। तीन साल पहले निर्माण पर 500 मीटर क्षेत्र में रोक लग गई थी। नगर निगम की ओर से कहा गया है कि बिना अनुमति निर्माण होता है तो निगम द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा परिवार साथ रहेगा
गोपाल कुशवाह ने कहा कि वह कई सालों से अपने मकान को पक्का करने का सोच रहे थे परंतु प्रतिबंध लगने से निर्माण कार्य अधूरा रह गया। रोक हटने से परिवार में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि अब हम लोग पक्का मकान बनाकर सामूहिक रूप से रह सकेंगे। पहले किराए का मकान भी लेना पड़ा था। अब बड़ा परिवार साथ रहेगा।
तमन्ना थी हमारा मकान अच्छा बने
अशोक कुमार छोकर ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह इस निर्णय से हम लोगों को राहत मिली है। हम महाकाल क्षेत्र का विकास देख रहे थे। यही तमन्ना थी कि हमारा मकान भी अच्छा बने और हम आराम से रहें। अब हम नगर निगम से अनुमति लेकर अपने मकान को फिर से बनवाएंगे।
मकान को सुधरवाएंगे
महाकाल क्षेत्र में रहने वाले शाहिद पिता अफजल बैग का कहना है कि प्रतिबंध हटने से परिवार के लोग फूले नहीं समा रहे हैं। बुजुर्गों द्वारा बनाया गया मकान कई स्थानों से टूट गया है। मकान का शेप भी बिगड़ गया है। नया एलीवेशन तैयार कर नगर निगम से अनुमति लेंगे और मकान को नया लुक देंगे।
शानदार मकान बनाएंगे
महाकाल क्षेत्र में रहने वाले आशिक मिर्जा ने कहा पुश्तैनी मकान है। महाकाल मंदिर नजदीक होने से फायदा मिलेगा। मकान को नया रूप देकर इसे गेस्ट हाउस बनाएंगे ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
बारिश में टूट गया था मकान
किशोर पिता दरियाव सिंह बैरागी का गली नंबर ६ कोट मोहल्ला स्मार्ट पार्किग के सामने कच्चा मकान है। पूर्व में वह बारिश के कारण टूट गया था। हम लोग किसी तरह उसी टूटे मकान में रह कर जीवन बिता रहे थे। नगर निगम गए तो कहा गया कि निर्माण पर रोक लगी है। अब हम लोग इसी स्थान पर पक्का मकान बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम से अनुमति लेकर ही निर्माण होगा।









