बिजली बिल हुए ऑनलाइन रसीद लेने पर देना पड़ते हैं 5 रुपए

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बिजली वितरण कंपनी ने अब ग्राहकों को बिजली के बिल देना बंद कर दिया है। इस वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले बिल आते थे तब उपभोक्ता को पता चल जाता था कि इस माह रीडिंग कितनी हुई है और कितना सरचार्ज लगा है।

बिल में संपूर्ण विवरण दिया जाता है। बिल की व्यवस्था ऑनलाइन होने से कुछ लोग तो इसका फायदा उठा लेते हैं लेकिन अधिकांश लोग ऑनलाइन बिल नहीं देख पाते। इसलिए उन्हें यह पता नहीं चलता कि बिल में गड़बड़ी भी हुई है। बताया जाता है कि बिजली केंद्रों पर बिल की हार्ड कॉपी लेने के लिए उपभोक्ता को 5 रुपए अदा करना पड़ रहे हैं। अक्षरविश्व को पाठकों से मिल रही शिकायत के बाद जब नई सडक़ स्थित बिजली केंद्र पर राशि लेकर बिल की कॉपी देने वालों से पूछा गया तब मनीष शर्मा और जीतेंद्र सोलंकी ने बताया कि यह एमपी ऑनलाइन कियोस्क है। यदि हमसे कोई व्यक्ति बिल की प्रति मांगता है तो नियमानुसार 5 रुपए लेकर उसे बिल की प्रति उपलब्ध करा देते हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है। उन्होंने बताया कि कोई भी उपभोक्ता किसी भी कियोस्क सेंटर पर जाकर अपने बिल की प्रति ले सकता है। अगर मोबाइल में डिजिटल रसीद लेते हंै तो कोई चार्ज नहीं लगता है।









