तेल की हेराफेरी का मास्टरमाइंड निकला नकली नोट खपाने वाले गिरोह का सरगना

चार आरोपियों से क्राइम ब्रांच की टीम ने जब्त किए 17 लाख रुपए

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम और चिमनगंज थाने के संयुक्त दल ने गुरुवार की शाम शहर में पांच-पांच सौ के नकली नोट खपाने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चारों में से एक को कुछ दिन पहले हीरामिल की चाल से तेल के पाउच सप्लाय करने वाले एक ट्रक की हेराफेरी के मामले में भी धरा गया था। चारों ही लोग अत्याधुनिक प्रिंटर के जरिए नकली नोट छापकर बाजार में खपा रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से फिलहाल दो के नाम सामने आ पाए हैं। इनमें से एक हाटकेश्वर विहार कॉलोनी निवासी दीपेश पिता अनोखीलाल चौहान और दूसरा हिमांशु पिता राजेश निवासी गऊघाट है। इसके अलावा हीरामिल की चाल में रहने वाले सोनू और उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया गया है। सोनू वहीं शख्स है जिसे पुलिस ने पिछले साल फरवरी महीने में बिहार से महाराष्ट्र ट्रक के जरिए भेजे जाने वाले करीब 30 लाख रूपए कीमत के रिफाइंड तेल की हेराफेरी के मामले में हिरासत में लिया था। पुलिस को जानकारी मिली है कि सोनू ही इस गिरोह का सरगना था और उसी ने प्रिंटर के जरिए नकली नोट बनाने और उसे खपाने वाला गिरोह बनाया था। इस गिरोह के पास से पुलिस ने 17.50 लाख रुपए के नकली नोट जब्त किए हैं।
कैलाश एंपायर में बना रखा था कारखाना
गि रोह के चारों ही सदस्यों के बारे में सीधे एसपी प्रदीप शर्मा को किसी मुखबिर ने सूचना दी थी। एसपी के निर्देश के बाद क्राइम ब्रांच की पूरी टीम डीएसपी योगेश तोमर के नेतृत्व में एक्टिव हुई। इस टीम ने सबसे पहले हिरामिल की चाल में एक मकान पर छापा मारा, यहां से मिले सुराग के आधार पर यह टीम पंवासा पूल के नीचे बसी कैलाश एंपायर कॉलोनी के एक अन्य मकान पर पहुंची। यहां से नकली नोट और प्रिंटर जब्त किए गए। इसके अलावा देर शाम हाटकेश्वर विहार कालोनी में छापा मारकर दीपेश चौहान को हिरासत में लिया गया।
दो माह पहले भी पकड़े गए थे पांच लोग
शहर में पांच-पांच सौ के नकली नोट छापकर खपाने वाले पांच सदस्यों के एक गिरोह को माधवनगर पुलिस ने करीब दो माह पहले गिरफ्तार किया था। इनमें से एक सदस्य माधवनगर क्षेत्र में नकली नोट लेकर एक इलेक्ट्रानिक सामान के व्यापारी के पास सामान खरीदने पहुंच गया था और व्यापारी की सतर्कता से उसे दबोच लिया गया। हाल ही में पकडे गए गिरोह के तार भी दो माह पहले धरे गए गिरोह के साथ जुडते प्रतीत हो रहे है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।









