ब्रिज, अंडरपास और एलिवेटेड ब्रिज इसी जंक्शन पर बनेंगे, नई अड़चन

हरिफाटक ओवरब्रिज पर जंक्शन की तैयार होगी योजना
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। शहर के मुख्य हरिफाटक ओवरब्रिज चौराहा पर ट्रैफिक मैनेजमेंट कैसे किया जाए? यह नई मुसीबत प्रशासन के सामने खड़ी हो गई है, क्योंकि इसी चौराहे पर एलिवेटेड ब्रिज, सांवराखेड़ी ब्रिज और महाकाल अंडरपास भी बनेगा। इसके लिए एमपीआरडीसी को योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इंदौर से उज्जैन के बीच महाकाल मंदिर के नीलकंठ द्वार तक सिक्सलेन बनाने का काम चल रहा है। यह हरिफाटक ओवरब्रिज से होकर गुजरेगा। इसी चौराहे के पास से महाकाल मंदिर के लिए अंडरपास भी बनाया जाएगा। सांवराखेड़ी ब्रिज को फोरलेन करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह ब्रिज भी हरिफाटक चौराहे से जुड़ेगा।
इसके अलावा एलिवेटेड ब्रिज भी इस चौराहे के पास से बनेगा। जीवाजी वेधशाला की ओर जाने वाला रोड भी फोरलेन किया जा रहा। इस तरह ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए यह चौराहा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए प्रशासन ने जंक्शन बनाने की कवायद शुरू कर दी है। पहले दौर की बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका। इस कारण कलेक्टर रौशन कुमार सिंह जल्द ही संबंधित विभागों की बैठक लेकर योजना को फाइनल करेंगे।
अंडरपास का टेंडर खुला, सरकार से मंजूरी का इंतजार
हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक अंडरपास बनाने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी के सिंहस्थ डिवीजन को सौंपा गया है। डिविजन के कार्यपालन यंत्री अवनींद्र सिंह के अनुसार टेंडर खुल गया है। टेंडर स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह अंडरपास पूरी तरह से जमीन के अंदर नहीं होगा। कहीं कहीं यह जमीन के ऊपर भी होगा।










