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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की जनजातीय संग्रहालय बनाने की घोषणा

वीर भारत न्यास की टीम बनाएगी बैतूल में देश का पहला ‘आरण्यक’

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अनूठे संग्रहालय के लिए 20 एकड़ जमीन आवंटित की

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। कोठी पैलेस महल में वीर भारत संग्रहालय का निर्माण करने वाली पूरी टीम को मध्यप्रदेश में एक और अहम प्रोजेक्ट मिला है। यह पूरी टीम बैतूल में देश का सबसे अनूठा जनजातीय संग्रहालय बनाने का काम करेगी। बैतूल जिला प्रशासन ने इस निर्माण के लिए 20 एकड़ जमीन भी तय कर ली है। जनजातीय गौरव से जुड़ा यह देश का पहला संग्रहालय होगा।

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मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखने के साथ ही वहां जनजातीय संग्रहालय बनाने की भी घोषणा की है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक और वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी और उनकी टीम को बैतूल में जनजातीय संग्रहालय बनाने का काम सौंपा गया है।

तिवारी ने बताया कि बैतूल में बनने वाले संग्रहालय को आरण्यक नाम दिया गया है। इस संग्रहालय में देश की सभी जनजातीय परंपराओं और उनके नायकों से जुड़ी धरोहर और ज्ञान परंपरा का समावेश होगा।

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प्रदेश की अगरिया जनजाति दुनिया की पहली ऐसी जनजाति है जिन्हें लोहे को उपयोग के लायक बनाने का गौरव हासिल है, इसी तरह अन्य जनजातियों के साथ भी कुछ न कुछ गौरव जुड़ा है। आने वाली पीढिय़ों को इसकी जानकारी होना चाहिए, आरण्यक के निर्माण का भी यहीं उद्देश्य है। तिवारी ने बताया कि आरण्यक निर्माण के लिए जमीन चयनित हो चुकी है। अवलोकन के बाद प्रोजेक्ट बनाकर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में इसे स्वीकृति के लिए भेजा जाना है।

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