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रंगों से सजा नागदा का इतिहास…

अक्षरविश्व रंग-संग ड्रॉइंग एंड पेंटिंग कॉम्पिटिशन में हजारों बच्चों ने दिखाया हुनर

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नागदा। अक्षरविश्व के रंग-संग ड्रॉइंग एंड पेंटिंग कॉम्पिटिशन ने नागदा में इतिहास रच दिया। मेरे सपनों का शहर विषय पर बच्चों ने एक से बढ़कर एक चित्र बनाए। अटल निसर्ग उद्यान बच्चों के रंगों, कल्पनाओं और सपनों से सराबोर नजर आया। चार वर्ग में हुई प्रतियोगिता में हजारों बच्चों ने शिरकत की। घने कोहरे और ठंड के बावजूद उनके उत्साह में कमी नहीं आई।

 

अतिथियों, शिक्षाविदों और प्रबुद्ध नागरिकों ने आयोजन को नागदा के लिए मील का पत्थर बताया। अतिथियों ने बच्चों के बीच जाकर उनका उत्साह बढ़ाया और ड्राइंग पेंटिंग की सराहना की। कॉम्पिटिशन में भाग लेने वाले बच्चों में सर्टिफिकेट मिलने पर उत्साह देखा गया।

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अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, महामंत्री राकेश यादव, कर्मचारी नेता सुल्तान सिंह शेखावत, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि ओपी गेहलोत, पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत, नपा उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, सांसद प्रतिनिधि प्रकाश जैन, समाजसेवी शरद जैन, कांग्रेस नेता बसंत मालपानी, भाजपा कार्यसमिति सदस्य शंकर पप्पू प्रजापत थे। प्रधान संपादक सुनील जैन ने अक्षरविश्व की यात्रा की जानकारी दी। स्वागत भाषण अक्षरविश्व की सीईओ श्रुति जैन ने दिया। संचालन अमित शर्मा ने किया। आभार नागदा ब्यूरो चीफ चेतन नामदेव और सिटी रिपोर्टर दिनेश मंडोवरा ने माना।

अक्षरविश्व की पहल को सराहा…

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कॉम्पिटिशन बच्चों की प्रतिभा को उभारता है। ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए।
देवाशीष श्रीवास्तव

नर्सरी क्लास की मेरी बेटी कॉम्पिटिशन को लेकर बहुत एक्साइटेड थी। उसे यहां आकर बहुत अच्छा लगा।
-निमरा खान

यह बहुत इम्प्रेसिव आयोजन है। मुझे उम्मीद है कि यह अगले साल भी होगा।
-शोभना परमार

रंग-संग पेंटिंग के जरिए बच्चे सामाजिक भागीदारी से सीधे जुड़ सकेंगे। ऐसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए।
-रमेश कुमार सिलावट

बच्चे अधिक क्रियाशील होंगे। उनकी कला का विकास कॉम्पिटिशन के माध्यम से होगा।
-कृष्णा भावसार

ऐसे आयोजन से बच्चों का विकास कौशल बढ़ता है। अक्षरविश्व को इस पहल के लिए धन्यवाद।
-संतोष शर्मा

हमारे बच्चों को एक अच्छा मौका मिला। इस प्रकार का आयोजन आगे भी चाहेंगे।
-सुधा सिंह

बच्चों का मनोबल बढ़ाने वाला कार्यक्रम अक्षरविश्व ने किया, जिसमें बच्चों ने अपने सपनों के शहर नागदा को जीवंत किया।
-प्रीति जायसवाल

मैं अभिभूत हूं रंग-संग कार्यक्रम में आकर। नागदा में ऐसे कार्यक्रम हमेशा होते रहे।
-शिवनारायण पांचाल

नागदा के इतिहास में पहली बार अक्षरविश्व परिवार ने बच्चों के लिए ऐसा आयोजन किया।
-उर्वशी राठौर

 

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