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घर में खिड़की बनवाते समय भूलकर भी ये न करें

वास्तु के इन नियमों का जरूर रखें ख्याल, वरना बढ़ सकती है परेशानी

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वास्तुशास्त्र में घर से जुड़ी हर वस्तु के लिए नियम बताए गए हैं। अगर इनका ध्यान न रखा जाए तो इससे घर की परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में खिड़कियां बनवाते समय भी वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आसपास का माहौल भी सकारात्मक बना रहता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें खिड़की बनवाने के वास्तु नियम…

 

वास्तुशास्त्र में घर के हर एक कोने के बारे में कुछ खास नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि अगर घर वास्तु के अनुसार बना हो तो इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार के सभी सदस्यों के जीवन पर पड़ता है। वहीं, अगर घर की खिड़की से लेकर दरवाजे तक कोई भी वस्तु सही दिशा या स्थान पर न हो तो इसका प्रतिकूल प्रभाव घर और परिवार के जीवन पर भी पड़ सकता है। साथ ही, परेशानियां भी बढऩे लगती हैं। ऐसे में घर के अंदर खिड़कियां बनवाते समय दिशा, स्थान और कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आइए विस्तार से जानते हैं कि खिड़कियां बनवाते समय वास्तु के किन-किन नियमों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है।

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खिड़की के दरवाजे से जुड़ा वास्तु
घर में खिड़की लगवाते समय वास्तु के इस नियम का ख्याल जरूर रखें की उसके दरवाजे अंदर की ओर खुलते हों। मान्यता है कि खिड़की के दरवाजे बाहर की ओर खुलना शुभ नहीं होता है। इससे वास्तु दोष लग सकता है। जिसके चलते परिवार के सदस्यों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और कार्यों में बाधाएं भी आने लगती हैं।

दक्षिण में हो तो क्या करें
वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा की ओर खिड़की बनवाना शुभ नहीं माना जाता है। लेकिन किसी कारण आपको दक्षिण दिशा में खिड़की बनवानी पड़े या पहले से इस दिशा में खिड़की हो तो एक बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि उसे कम से कम ही खोलें। साथ ही, खिड़कियां हमेशा साफ रखें और उसमें से किसी प्रकार की आवाज भी आना शुभ नहीं माना जाता है।

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किस दिशा में बनवाएं
वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में उत्तर दिशा में खिड़की बनवाना सबसे शुभ होता है। मान्यता है कि उत्तर दिशा कुबेर देवता की होती है। ऐसे में इस स्थान पर खिड़की बनवाने से कुबेर देवता की कृपा प्राप्त हो सकती है और घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है। साथ ही, धन-दौलत में भी वृद्धि होती है और घर से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं।

पूर्व दिशा भी रहेगी शुभ
उत्तर दिशा के अलावा आप पूर्व दिशा में खिड़कियां बनवा सकते हैं। वास्तुशास्त्र में इस दिशा को बेहद उत्तम माना जाता है। इस स्थान पर खिड़की बनवाने से सूर्य की पहली किरणें घर में प्रवेश करती हैं। साथ ही, इससे सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वास्तु के इस नियम का ध्यान रखने से परिवार के सदस्यों की तरक्की भी हो सकती है।

मुख्य द्वार की ओर
वास्तुशास्त्र के अनुसार, मेन गेट के दोनों तरफ खिड़कियां होनी भी शुभ माना जाता है। लेकिन इस बात का ध्यान जरूर रखें की खिड़कियां समान आकार की हों। मान्यता है कि इससे चुंबकीय चक्र पूरा होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। साथ ही, नकारात्मकता घर से दूर रहती है।

खिड़कियों की संख्या
माना जाता है कि घर में खिड़कियां बनवाते समय उनकी संख्या का भी ध्यान अवश्य रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार, घर में खिड़कियों की संख्या हमेशा सम होनी चाहिए जैसे- 2,4,6 आदि। विषम संख्या 3,5,7 आदि में खिड़कियां होना शुभ नहीं माना जाता है। इससे वास्तु दोष लगने की आशंका रहता ही। घर में वास्तु अनुसार खिड़कियां न हो तो इससे जीवन में समस्याएं आ सकती हैं।

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