तांत्रिकों से परेशान श्मशान समिति वाले

कभी मिर्च का हवन तो कभी शराब के क्वार्टर, अंडे फेंक जाते हैं
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उज्जैन। धार्मिक महत्व वाले ओखरेश्वर श्मशान को संचालित करने वाली समिति के पदाधिकारी तांत्रिकों से खासे परेशान हो गए है। हर रोज शाम के वक्त सफाई होती है और सुबह श्मशान पर कहीं मिर्च तो कहीं अंडे और कलेजी पड़ी मिलती है। पुलिस को कई बार शिकायतें की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। नतीजा अब खुद संचालन समिति वालों ने ही निगरानी रखना शुरू की है।

गढ़कालिका मंदिर के पिछले हिस्से में नदी के किनारे पर प्राचीन ओखरेश्वर श्मशान बना है। इस स्थान का धार्मिक महत्व चक्रतीर्थ से भी अधिक बताया जाता रहा है। कोरोना काल में यहां के व्यवस्थित संचालन के लिए बकायदा एक समिति का गठन किया गया था। यह समिति ही यहां सफाई, प्रकाश, पानी और लकडी-कंडे उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाएं संभालती है।
पिछले करीब एक साल से समिति के सदस्यों को ही बारी-बारी से श्मशान पर निगरानी करने जाना पड़ता है, वजह है तांत्रिक। समिति के अध्यक्ष समाजसेवी सत्यनारायण कछावा बताते है कि पुलिस को कई बार समिति की ओर से शिकायत की जा चुकी है इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई। असामाजिक तत्व यहां शराब के क्वार्टर, आपत्तिजनक सामग्री आदि छोड़ जाते है। कभी ट्यूबलाइट फोड़ जाते है तो कभी गंदगी फेला जाते है।
तंत्र के लिहाज से देश में ख्यात
ओखरेश्वर श्मशान की तांत्रिक क्रियाओ के लिहाज से पूरे देश में ख्याति है। यहीं वजह है कि देश के कई हिस्सों से यहां तांत्रिक आते है। कुछ स्थानीय लोगों के साथ इनके संबंध है जो यहां गुपचुप तरीके से उनकी साधना की व्यवस्था कराने में सहयोग करते है। कई बार दूसरे शहरों से यजमान को यहां लाकर उनसे क्रियाएं कराई जाती है और धन उगाही होती है।










