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सड़क पर दौड़ रहीं ‘मौत की स्लीपर’ पर शिकंजा

आरटीओ ने जांची 189 बसें, 30 के फिटनेस खत्म, 22 के रजिस्ट्रेशन-परमिट छीने

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिले की सड़कों पर नियम-कायदों को ताक पर रखकर दौड़ रही बेलगाम यात्री बसों के खिलाफ आरटीओ ने बड़ा शिकंजा कसा है। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर संचालित हो रही स्लीपर और यात्री बसों पर रोक लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। करीब 50 बसें कार्रवाई के दायरे में आई हैं।

 

शहर की सड़कों पर नियमों को कुचलकर दौड़ रही बसों के खिलाफ आरटीओ ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है। यात्रियों की जान को खतरे में डालकर ओवरलोड चल रही बसों पर शुक्रवार को परिवहन विभाग का हंटर चला। आरटीओ की टीम ने नानाखेड़ा बस स्टैंड, उन्हेल बाइपास, इंदौर रोड आदि पाइंट पर 189 स्लीपर बसों की जांच की। जिसमें से 52 बसों पर कार्रवाई हुई है। लापरवाही का आलम यह था कि दर्जनों बसें बिना फिटनेस और गलत परमिट के सड़कों पर मुसाफिरों को ढो रही थीं।

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लगेज के लालच में सुरक्षा से खिलवाड़
जांच के दौरान एक गंभीर तथ्य यह भी सामने आया कि बस संचालक केवल मुनाफे के लिए बसों की छतों पर क्षमता से अधिक भारी सामान (लगेज) लोड कर रहे थे। आरटीओ के अनुसार, ओवरलोडिंग के कारण बसों का संतुलन बिगड़ जाता है, जो सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बनता है। कई बसों की फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद उन्हें सड़कों पर उतारा जा रहा था, वहीं टैक्स भुगतान में भी बड़ी गड़बडिय़ां मिली हैं।

छत पर भारी बोझ, केबिन में खतरा
जांच में खुलासा हुआ कि बस संचालक ज्यादा कमाई के चक्कर में बसों की छतों पर क्षमता से कई गुना अधिक लगेज लाद रहे हैं। इससे बसों का सेंटर ऑफ ग्रेविटी बिगड़ जाता है और मोड़ पर बस पलटने का खतरा 80 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसके अलावा बसों के भीतर अवैध केबिन और स्लीपर कोच में तय मानकों का पालन नहीं किया गया था।

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आरटीओ की कार्रवाई

30 के फिटनेस निरस्त

 10 का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड- कागजों में गड़बड़ी, गलत बॉडी मोडिफिकेशन

12 के परमिट छीने- तय रूट और शर्तों का उल्लंघन

जानिए क्यों जानलेवा हैं ये बसें?

अवैध बॉडी निर्माण: स्लीपर बसों में केबिन और सीटें इस तरह फिट की गई हैं कि आपातकाल में यात्री बाहर भी नहीं निकल सकते।

टैक्स चोरी: सरकार को राजस्व का चूना लगाकर अवैध रूप से लंबी दूरी की यात्राएं करवाई जा रही हैं।

संतुलन का अभाव: छत पर भारी सामान होने से हादसे का अंदेशा।

जारी रहेगी कार्रवाई
शुक्रवार को 52 बसों पर कार्रवाई की गई है। चैकिंग अभियान लगातार चलेगा। शनिवार को भी कई स्थानों पर अलग-अलग टीम द्वारा चैकिंग की जा रही है।
– संतोष मालवीय आरटीओ

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