अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने प्रेमी संग रची साजिश, एक्सीडेंट दिखाने का किया प्रयास

पति-पत्नी और प्रेमी का खौफनाक खेल, हत्या के प्रयास का खुलासा
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अक्षरविश्व न्यूज खाचरौद। अवैध प्रेम संबंधों के चलते पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या के प्रयास का सनसनीखेज मामला खाचरौद पुलिस ने उजागर किया है। साजिश के तहत घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी। दिनांक 09/01/2026 की रात थाना खाचरौद को सूचना मिली कि घिनोदा रोड स्थित रेलवे स्टेशन के पास सफाईकर्मी संजू घारू अपनी मोटरसाइकिल सहित घायल अवस्था में पड़ा है।

परिजनों व राहगीरों ने इसे एक्सीडेंट मानते हुए घायल को सरकारी अस्पताल खाचरौद में भर्ती कराया। घटना स्थल के निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी धनसिंह नलवाया को मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक रंजन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी आकांक्षा बेछोटे के नेतृत्व में गठित टीम ने सूक्ष्म जांच की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी गोलू उर्फ कुलदीप के विरुद्ध अपराध क्रमांक 19/26 धारा 109 बीएनएस (हत्या का प्रयास) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच में घायल संजू घारू की पत्नी को भी आरोपी पाया गया, जिसे गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी गोलू उर्फ कुलदीप चौहान का घायल की पत्नी से लंबे समय से अवैध प्रेम संबंध था। रिश्ते में मौसेरे भाई-बहन होने के कारण लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ। जब संजू को संबंधों की जानकारी लगी और उसने विरोध किया, तो दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत 09 जनवरी की शाम गोलू उर्फ कुलदीप अपने साथी छोटिया के साथ संजू को पार्टी के बहाने सुनसान स्थान पर ले गया, शराब पिलाने के बाद सिर पर पत्थरों से कई वार किए। संजू को मृत समझकर मोटरसाइकिल सड़क पर गिराकर उस पर संजू को डाल दिया गया, ताकि घटना को एक्सीडेंट दर्शाया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद घायल की पत्नी लगातार प्रेमी से फोन पर पूछती रही कि काम हुआ या नहीं। इंदौर में इलाज के दौरान संजू के जीवित रहने पर पत्नी ने नाराजगी भी जताई। पूरे मामले के खुलासे में निरीक्षक धनसिंह नलवाया, प्रधान आरक्षक सोमसिंह भदौरिया, महेंद्र राडोदिया, आरक्षक जितेंद्र सिंह सेंगर, ईश्वर परिहार, संजय राणा, महिला आरक्षक कविता व संगीता तथा साइबर सेल प्रभारी प्रतीक यादव व उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।










