बदलता मौसम… बादलों की दस्तक, बूंदों की रिमझिम

वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर, कल भी बारिश के आसार, लगाताए आएंगे सिस्टम

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले कुछ दिनों से आसमान में उमड़-घुमड़ रहे बादल रविवार सुबह अचानक बरस पड़े। बूंदों की रिमझिम ने पूरे शहर को भिगो दिया। हल्के कोहरे के बीच हुई बारिश ने सर्दी के तेवर तल्ख कर दिए। हालांकि, संडे का दिन होने से शहरवासी घरों में दुबके रहे। जरूरी काम से जो लोग बाहर निकले वह गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। वहीं रात के तापमान में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। शनिवार को न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री था जो रविवार को 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दरअसल, मौसम में आए इस बदलाव की वजह वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त ने बताया कि विक्षोभ के चलते फिलहाल प्रति चक्रवात बना हुआ है जिसे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी मिल रही है जिससे आसमान में बादलों की स्थितियां बनने के साथ बारिश हो रही है। सोमवार को भी बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। हालांकि, २ फरवरी से लगातार सिस्टम आएंगे जिसके चलते मौसम बदलता रहेगा।
सिस्टम लौटने से बढ़ेगी ठंड
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। 2 फरवरी से फिर सिस्टम सक्रिय हो रहा है जिसका असर भी दिखाई देगा। ऐसे में आगे भी बारिश हो सकती है। पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और बारिश के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है जिससे दिन-रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
किसानों की चिंता बढ़ी
बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दिनों गिरे मावठे और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा था। कहीं-कहीं खेतों में लहलहा रही फसल आड़ी हो गई थी। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा या तेज हुआ तो गेहूं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में लगातार बदलते मौसम से किसानों की चिंता बढ़ा दी है।








