घायल बोला- मैं कैसे गिरा, मुझे पता नहीं…

जीआरपी ने परिजनों के सुपुर्द किया, इंदौर में चल रहा इलाज

उज्जैन। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ट्रेन की चपेट में आने के बाद 40 वर्षीय युवक के पैर कट गए थे। फिलहाल घायल का इलाज जारी है और उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके हैं। जीआरपी ने बताया कि घायल का कहना है कि उसके साथ तीन लोग और भी थे लेकिन वह ट्रेन से कैसे गिरा, इसका उसे पता नहीं। इसके बाद पुलिस ने उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
दरअसल, रतलाम के ग्राम कोड़ाछेत्री का रहने वाला शंभू मेड़ा मजदूरी करता है। वह शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1.30 बजे रतलाम जाने वाली ट्रेन की बजाय गलती से इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस में चढ़ गया। जब उसे पता चला कि वह गलत ट्रेन में चढ़ गया है तो उसने प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर संभवत: चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गया और उसके दोनों पैर कट गए।
जीआरपी के जवान उसे लेकर चरक अस्पताल पहुंचे जहां से इंदौर रैफर कर दिया था। जीआरपी थाने के विश्लेष गौतम ने बताया कि एमवाय में घायल का इलाज जारी है। परिजन भी वहां पहुंच चुके हैं। घायल शंभू सिर्फ इतना ही बता सका कि उसके साथ तीन और लोग भी थे। वह ट्रेन से कैसे गिरा, इसका उसे पता नहीं। परिजनों के अस्पताल पहुंचने के बाद घायल को उनके सुपुर्द कर दिया है।
माचिस की डिब्बी पर लिखे थे नंबर
जीआरपी के विश्लेष गौतम ने बताया घायल की जेब से ना तो कोई आईडी कार्ड मिला था और ना ही मोबाइल। उसकी जेब से माचिस की डिब्बी पर कुछ नंबर लिखे थे जिस पर संपर्क करने पता चला कि एक नंबर उसके चचेरे भाई नृसिंह का है तो दूसरा उसके पिता का। इसी पर उसके घायल होने की सूचना दी थी।









