आज शाम सीएम डॉ. मोहन यादव रखेंगे हॉकी एस्ट्रो टर्फ की नींव

49 करोड़ से नानाखेड़ा स्टेडियम में बनेगा
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अखिल भारतीय कैप्टन रूपसिंह हॉकी टूर्नामेंट की सालों तक मेजबानी करने वाले उज्जैन शहर को आज हॉकी टर्फ के भूमिपूजन के रूप में बड़ी सौगात मिलने वाली है। 49 करोड़ की लागत वाले टर्फ मैदान का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार अपराह्न 4 बजे भूमिपूजन करेंगे। नानाखेड़ा स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में होने वाले आयोजन की तैयारी प्रशासन ने तेज कर दी है।
कलेक्टर रौशनकुमारसिंह ने बताया कि भूमिपूजन कार्यक्रम बैडमिंटन हॉल में आयोजित किया जाएगा। जिला खेल अधिकारी ओपी हारोड ने बताया कि भूमिपूजन होने के बाद टेंडर कॉल किए जाएंगे।
क्या होता है टर्फ
एस्ट्रो टर्फ दरअसल कृत्रिम घास का मैदान होता है। यह सिंथेटिक फाइबर से बनाया जाता है। मानव निर्मित यह टर्फ दिखने में प्राकृतिक घास-सा लगता है। इसका उपयोग हॉकी, फुटबॉल और टेनिस जैसे खेलों में किया जाता है।
क्या फायदा
एस्टो टर्फ मैदान हर मौसम में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यह जल्दी खराब नहीं होते और यह हमेशा समतल रहते हैं।
क्यों जरूरी टर्फ
अभी उज्जैन में करीब 70 हॉकी खिलाड़ी पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में प्रैक्टिस करते हैं। यह मिट्टी से बना मैदान है और यहा खेलने में कई तरह की दिक्कत होती है। गुना, मंदसौर, शिवपुरी, बैतूल जैसे छोटे शहर में एस्टो टर्फ है और वहां से अच्छे खिलाड़ी निकल रहे हैं। उज्जैन के खिलाड़ी मिट्टी के मैदान में प्रैक्टिस तो अच्छी करते हैं लेकिन टर्फ पर खेलते समय तकनीक बदल जाती है। अब टर्फ बनने से उज्जैन के खिलाडिय़ों को बड़ी सुविधा मिल जाएगी। जिला हॉकी संघ के सहसचिव गोपाल गौतम कहते हैं कि नानाखेड़ा में टर्फ के साथ स्टेडियम भी बनेगा। ऐसे में यहां भी हॉकी के बड़े मैच हो सकेंगे।










