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पिछली बार से बड़ा कैंप लगाएगा इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा

उज्जैन में स्थायी ठिकाने के लिए जमीन की तलाश जारी, सिंहस्थ मंथन में चार नए महामंडलेश्वर का पट्टाभिषेक

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उज्जैन। सिंहस्थ 2016 से अस्तित्व में आया किन्नर अखाड़ा 2028 के सिंहस्थ में भव्य कैंप लगाएगा। अखाड़ का स्थायी ठिकाना बनाने के लिए उज्जैन में जमीन तलाशी जा रही है। शुक्रवार को इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा के पदाधिकारियों ने शिवांजलि गार्डन में उज्जैन-नासिक में लगने वाले सिंहस्थ और हरिद्वार में होने वाले कुंभ में भागीदारी करने के लिए व्यवस्थाओं और धार्मिक आयोजनों पर चर्चा की। इस मौके पर अखाड़े ने चार नए महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक भी किया।

नए महामंडलेश्वरों को आशीर्वाद देने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्रपुरी और जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव रामेश्वर गिरि भी पहुंचे।

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सूरत, तेलगांना प्रतापगढ़ और राजस्थान से बने महामंडलेश्वर

आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. त्रिपाठी ने चांदी के शंख से दुग्धाभिषेक और केसरिया शॉल ओढ़ाकर सूरत के दिलीपनंद गिरि, तेलंगाना के महाकालीनंद गिरि, राजस्थान के कामाख्या नंद गिरि तथा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ (गढ़ी मानिकपुर) के रेखानंद गिरि का महामंडलेश्वर घोषित किया। गुजरात की नंदिनीनंद गिरि तथा महाराष्ट्र के अकोला के गणेशानंद गिरि इंदौर की सुनहरी नंद गिरि, आकांक्षा नंद गिरी, गुंजन नंद गिरि, अलोपी नंद गिरि एवं खुशीनंद गिरि को श्रीमहंत की पदवी दी।

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किन्नर समाज सनातन का अलख जगा रहा:

रवींद्रपुरीजी ने कहा कि किन्नर समाज सनातन धर्म की अलख जगाने के लिए अखाड़ों के साथ मिलकर काम कर रहा है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि उनका अखाड़ा सनातन परंपरा का अंग है और सिंहस्थ में किन्नर संतों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। उनका अखाड़ा समाज सेवा, धर्म प्रचार और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करता रहा है और सिंहस्थ में भी जोर-शोर के साथ भागीदारी करेगा।

सिंहस्थ भव्य, सुंदर, सुरक्षित और स्वस्थ हो

आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारी बहुत अच्छे से चल रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बड़े-बड़े काम हो रहे हैं। उज्जैन का सिंहस्थ भव्य,सुंदर, स्वस्थ और सुरक्षित होगा। त्रिपाठी शिवांजलि गार्डन में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में किन्नर अखाड़े को अधिक जमीन की जरूरत होगी। उज्जैन में स्थायी अखाड़ा बनाने के लिए जमीन तलाशी जा रही है।

इस संबंध में अफसरों से भी चर्चा की जा रही है। त्रिपाठी ने कहा कि कतिपय लोग सनातन को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। किन्नर अखाड़े के पंजीयन के कथित दस्तावेज दिखाने वाले ऋषि अजय दास को लेकर डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि वह फर्जी है और किन्नर ना होकर पुरुष है। हम उसे बहिष्कृत कर चुके हैं। डॉ. त्रिपाठी ने हनी ट्रैप में फंसाने वालों और सनातन का चोला पहनकर ठगी करने वालों पर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

 

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