महाकाल में सोमयज्ञ का शंखनाद, उत्तम वर्षा और खुशहाली के लिए यज्ञशाला में दी जाएंगी आहुतियां

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में बेहतर वर्षा और जन-कल्याण की कामना के साथ शनिवार से सोमयज्ञ शुरू हो गया। अक्षय कृषि परिवार एवं महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित छह दिवसीय सोमयज्ञ 2 अप्रैल तक चलेगा। श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र अन्नक्षेत्र परिसर में निर्मित विशेष यज्ञशाला में सुबह 9 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवताओ को प्रसन्न करने के लिए आहूति दी जाएगी।
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इस दिव्य अनुष्ठान की मुख्य विशेषता सोमवल्ली वनस्पति है। पहाडिय़ों से लाई गई इस दुर्लभ वनस्पति से तैयार किए गए सोमरस की आहुति प्रवग्र्य विधि से दी जाती है। इस यज्ञ का उद्देश्य न केवल धार्मिक है, बल्कि वैज्ञानिक भी है। यज्ञ के दौरान होने वाले पर्यावरणीय परिवर्तनों और वायु गुणवत्ता में सुधार को मापने के लिए यज्ञशाला के समीप अत्याधुनिक वैज्ञानिक यंत्र भी स्थापित किए गए हैं। मान्यता है कि सोमयज्ञ से न केवल उत्तम वर्षा और खाद्यान्न की प्राप्ति होती है, बल्कि पूरी प्रजा में खुशहाली आती है।
कठोर नियमों के बीच अग्निहोत्र दंपत्ति होंगे मुख्य यजमान
परंपरानुसार, इस काम्य अनुष्ठान में एक अग्निहोत्र दंपत्ति को मुख्य यजमान बनाया गया है। यह दंपत्ति पूरे छह दिनों तक कठोर उपवास का पालन करेंगे और यज्ञ संपन्न होने तक यज्ञशाला परिसर में ही निवास करेंगे। आम श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जहां वे यज्ञ के दर्शन करने के साथ-साथ यज्ञशाला की प्रदक्षिणा कर पुण्य लाभ कमा सकेंगे।
लगातार तीसरे वर्ष आयोजन का गौरव
महाकाल मंदिर के सानिध्य में सोमयज्ञ के आयोजन का यह लगातार तीसरा वर्ष है। वर्ष 2024 में यह अनुष्ठान महाकाल मंदिर परिसर में पं. चैतन्य नारायण काले के आचार्यत्व में संपन्न हुआ था। इसके बाद वर्ष 2025 और अब वर्ष 2026 में महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान द्वारा अन्नक्षेत्र परिसर में किया जा रहा है।









