देशभर से पहुंचे 1900 तपस्वी कर रहे उज्जैन मेंं शाश्वती ओलीजी आराधना

गुजरात के पालीताणा की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी संभाल रही सुरक्षा से लेकर हर जिम्मेदारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe
उज्जैन। श्रीपाल मयणा सुंदरी की आराधना स्थली उज्जैन महातीर्थ में इन दिनों तपस्वियों का जमावड़ा लगा है। उज्जैन सहित पूरे मप्र और देश के अलग-अलग राज्यों के तपस्वी आराधना कर रहे हैं। इस आयोजन का जिम्मा गुजरात के पालीताणा की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी संभाल रही है। उनके द्वारा सुरक्षा के लेकर आयोजन की हर जिम्मेदारी निभाई जा रही है।
दरअसल, नृसिंह घाट स्थित श्री झालरिया मठ में आयंबिल तप से चैत्र मास की नवपदजी की शाश्वती ओली जी की आराधना की जा रही है जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए करीब 1900 तपस्वी शामिल हो रहे हैं। 25 मार्च से शुरू हुई शाश्वती ओली जी की आराधना २ अप्रैल तक चलेगी। इसके लाभार्थी अहमदाबाद के धुंबदिया के बाबूलाल धनराज डोडिया गांधी परिवार है। रोज अलसुबह आराधकों को झालरिया मठ लाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था भी गई है। मंगलवार को अलसुबह 4.30 बजे आराधकों को लाने के लिए ई-रिक्शा धर्मशालाओं में पहुंचे। इसके बाद सुबह 5 से 8 बजे तक क्रिया का समय रहा। सुबह 8.30 बजे खाराकुआं से श्री महावीर जन्मकल्याणक का वरघोड़ा निकला।
दोपहर 3 से 4 बजे तक झालरिया मठ में प्रवचन एवं गुरु वधामणा हुआ। इसमें संगीतकार नरेंद्र भाई वाणिगोता शामिल हुए। शाम 6.30 बजे भाइयों का प्रतिक्रमण झालरिया मठ में हुआ और बहनों का प्रतिक्रमण शंकराचार्य साध्वीजी भगवंत के उपाश्रय में हुआ। शाम 7 बजे से भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक एवं ओलीजी के निमित्त भव्य भक्ति संध्या कॉन्सर्ट हुई जिसमें मुंबई के संगीतकार विक्की डी. पारेख ने प्रस्तुति दी। इसमें बड़ी संख्या में आराधक उपस्थित रहे। भक्ति संध्या कॉन्सर्ट रात ११ बजे तक चला।
टोकन और आईडी कार्ड जरूरी
प्रतिदिन होने वाली आराधना के लिए यहां आराधकों को पहले ही दिन टोकन दिए गए हैं जो आयंबिल तप की आराधना पूर्ण होने तक मान्य रहेंगे। इसके अलावा हर तपस्वी को आईडी कार्ड भी दिया गया है जो उन्हें पहनना अनिवार्य है। बाहर से आने वालों के लिए धर्मशालााओं में रुकने की व्यवस्था की गई है।









