बहन से कहा था एक घंटे बाद यहीं मिलते हैं, फिर मिली मौत की खबर, गोताखोरों ने निकाला शव

चिंतामण ब्रिज के पास बन रहे निर्माणाधीन पुल से कूदा था युवक

उज्जैन। मानसिक तनाव के चलते 22 वर्षीय युवक लालपुर के सामने चिंतामण ब्रिज के पास बन रहे निर्माणाधीन पुल से शिप्रा में कूद गया। काफी मशक्कत के बाद उसे एसडीईआरएफ और मां शिप्रा तैराक दल के गोताखोरों ने निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गुरुवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
मृतक का नाम अंकित पिता विनोद पाटीदार निवासी ग्राम सुवासा (इंगोरिया) है। बुधवार को परिवार शादी में गया था। वह अपनी बड़ी बहन ज्योति के साथ घर पर था। इसी दौरान ज्योति ने कहा कि उसे इलाज करवाने के लिए उज्जैन जाना है। इस पर अंकित ने कहा कि मुझे भी वहां दोस्त से काम है इसलिए मैं भी चलता हूं।
इसके बाद दोनों भाई-बहन जंतर-मंतर के वहां उतरे। अंकित ने अपनी बहन से आप इलाज करवाने जाओ, मैं यहीं दोस्त का इंतजार करता हूं। एक घंटे बाद यहीं मिलेंगे। इसके बाद ज्योति इलाज करवाने चली गई और अंकित ने लालपुर के सामने चिंतामण ब्रिज के पास बन रहे निर्माणाधीन पुल से शिप्रा में छलांग लगा दी। मां शिप्रा तैराक दल के गोताखोरों और एसडीईआरएफ जवानों ने उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी।
बहन आई तो फोन बंद मिला
एक घंटे बाद बहन वापस वहां पहुंची तो अंकित नहीं था। उसने कॉल किया तो मोबाइल भी बंद था। इसके बाद वह घर चली गई लेकिन अंकित घर नहीं पहुंचा। शाम को परिजन गुमशुदगी दर्ज करवाने इंगोरिया थाने पहुंचे जहां पुलिस ने कहा कि नीलगंगा थाने जाइए, वहां एक युवक की बॉडी मिली है।
इसके बाद परिजन नीलगंगा थाने पहुंचे और फोटो दिखाया तो मृतक अंकित ही निकला। गुरुवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि अंकित का ७ साल पहले एक्सीडेंट हुआ था। जिसके कारण उसका एक हाथ और ठीक तरह से काम नहीं करता था जिससे वह तनाव में रहता था। संभवत: इसी के चलते उसने यह जानलेवा कदम उठाया।
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