वार्ड 24 में मिले निगमायुक्त को कचरे के ढेर, जागरुकता फैलाने वाली कंपनी पर लगा दंड, एक लाख का जुर्माना

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर की सफाई व्यवस्था का मुआयना करने निकले निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा को वार्ड 24 में कचरे के ढेर मिले। हाल यह था कि हर जगह कचरा फैला हुआ था। यहां रहने वाले नागरिक सफाई के प्रति जागरूक नहीं थे। ऐसी स्थिति देख निगमायुक्त नाराज हो गए और सफाई को लेकर जागरुकता फैलाने वाली कंपनी सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट पर एक लाख का जुर्माना लगा दिया।

दरअसल आयुक्त ने दौरे को रूटीन बना लिया है। उनके दौरे की शुरुआत देवासगेट पानी की टंकी स्थित पीएचई कंट्रोलरूम से हुई। यहां उन्होंने टंकियों की स्थिति चैक की। रजिस्टर की जांच में सभी टंकियों में पानी का लेवल ठीक मिला। रविवार को देवासगेट टंकी का लेवल ठीक नहीं होने से कई इलाकों में पानी नहीं पहुंचा था।
यहां से आयुक्त सफाई व्यवस्था देखने निकल पड़े। उन्होंने वार्ड 23 एवं 24 के इलाके देखें। 23 में तो ज्यादा गड़बड़ी नहीं मिली लेकिन 24 की हालत खराब थी। यहां जगह-जगह कचरे के ढेर थे। हाल यह था कि सूखा और गीला कचरा भी अलग-अलग नहीं किया गया था। नागरिक सफाई को लेकर बिल्कुल भी अवेयर नहीं थे। निगमायुक्त ने पाया सृष्टि वेस्ट मैनजमेंट ने वार्ड में कोई काम ही नहीं किया था। ऐसे में कंपनी पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
अपर आयुक्त ने देखी सफाई-पेयजल व्यवस्था
अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह ने बुधवार को चामुंडा माता से विष्णुसागर तक सफाई और पेयजल व्यवस्था देखी। उन्होंने इस दौरान इंदिरानगर, गयाकोठा का मुआयना भी किया।
यह भी निर्देश दिए
1- हर घर तक साफ पेयजल पहुंचे।
2- गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करवाएं।
3-अगर गलियों में कचरे के ढेर दिखते हैं तो कचरा डालने वाले पर जुर्माना लगाएं।
4- संकरी गलियों में सफाई सुनिश्चित करें।
5- कचरा कलेक्शन वाहन की हेल्पर और एनजीओ लोगों को कचरा अलग-अलग करने के लिए समझाइश दें।
6- खाली प्लाट की सफाई का खास ख्याल रखें।
7- नालियों के ऊपर किए गए पक्के निर्माण तत्काल हटाएं, ताकि सफाई में दिक्कत नहीं हो।
8- सफाई मित्र टूलकिट का प्रयोग हर हाल में करें।









