नागदा से मथुरा के बीच डलेगी तीसरी और चौथी रेललाइन

केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक समिति ने दी मंजूरी

मध्यप्रदेश, राजस्थान और यूपी के कई जिलों को होगा फायदा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देश के सबसे व्यस्तम रेलवे टै्रकों में से एक नईदिल्ली-मुंबई के नागदा-मथुरा ट्रैक पर दो नई रेललाइन बिछाई जाएगी। तीसरी और चौथी रेललाइन के बिछने से मध्यप्रदेश, राजस्थान और यूपी के कई जिलों को फायदा होने की उम्मीद है। केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक समिति ने भारतीय रेल की दक्षता बढ़ाने के लिए तीन ट्रैक पर तीसरी और चौथी रेललाइन बिछ़ाने का फैसला किया है।
यह ट्रैक नागदा-मथुरा, गुंतकल-वाडी और बुरहवाल- सीतापुर हैं। नेशनल पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के तहत इन ट्रैक पर मौजूदा डबल ट्रैक के समानांतर नया डबल ट्रैक बिछाया जाएगा। यह ट्रैक बनने से रेलवे की क्षमता में 901 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इस पर 23 हजार 437 करोड़ रुपए खर्च होंगे और यह 2030 से 2031 के बीच पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यटन क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी आसान
नागदा-मथुरा के बीच दूसरा ट्रैक बिछने का सबसे बड़ा फायदा पर्यटन को होगा। अभी इस रूट पर कई ट्रेन चलती हैं, पर यात्रियों के मान से इनकी संख्या कम हैं। नए ट्रैक से पैसेंजर ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकेगी।
ट्रैक से रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान, कूनो राष्ट्रीय उद्यान, केवलादेवी राष्ट्रीय उद्यान तक पहुंच आसान होगी।
श्री महाकालेश्वर, मथुरा, वृंदावन में पर्यटन बढ़ेगा।
फूड सप्लाई, सीमेंट, तेल, लोहा-इस्पात, खाद की ढुलाई आसान होगी।
मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के एक्सपोर्टर को सामान पहुंचाना और मंगाना आसान होगा।
यह कॉरिडोर इलेक्ट्रिकल होगा, इससे तेल आयात कम होगा। कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा होगा।









