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एडि. ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. तिवारी और नोबल क्लीनिक संचालक गिरफ्तार, आज करेंगे पेश

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इलाज में लापरवाही पर 11 वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में नीलगंगा पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. डीके तिवारी और क्लीनिक संचालक राजेश चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा।

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मंछामन मार्ग पर संचालित जनसेवा नोबल पॉली क्लीनिक में 11 वर्षीय दीपिका की मौत के मामले में नीलगंगा पुलिस ने दोनों को पहले से ही हिरासत मेें ले लिया था। नीलगंगा टीआई तरुण कुरील ने बताया कि बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इधर सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. डीके तिवारी के संबंध में प्रतिवेदन मुख्यालय भेज दिया है। नोबल पॉली क्लीनिक को सील कर दिया है।

जांच में मिली कई लापरवाही: स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा मंगलवार को एक बार फिर की जांच में सामने आया कि नोबल क्लीनिक में एक छोटे से कमरे को ऑपरेशन थियेटर बना दिया था जहाँ न तो पर्याप्त ऑक्सीजन थी और न ही जीवन रक्षक उपकरण। माधवनगर अस्पताल अधीक्षक डॉ. विक्रम रघुवंशी के नेतृत्व में जांच टीम ने ओटी में स्टैंडर्ड के मुताबिक जरूरी उपकरण गायब थे। गंभीर स्थिति से निपटने के लिए लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम और पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था तक नहीं पाई गई।

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अपेंडिक्स का गलत इलाज के बाद हुई थी मौत

द्वारकाधाम कॉलोनी में चौकीदारी करने वाले राघवी निवासी परिवार ने अपनी बेटी दीपिका को पेट दर्द के कारण नोबल क्लीनिक में दिखाया था। संचालक राजेश चौहान ने सोनोग्राफी के बाद अपेंडिक्स बताकर ऑपरेशन की बात कही थी। 9 मई को ऑपरेशन के दौरान ही बच्ची की मौत हो गई। संचालक चौहान के मुताबिक ऑपरेशन स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. डीके तिवारी ने किया था। इस कारण पुलिस पिछले चार दिनों से दोनों (डॉ. डीके तिवारी व संचालक राजेश चौहान) को अलग-अलग थानों में रखकर पूछताछ कर रही है।

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