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1.40 करोड़ से बनी जैविक और रसायन जांच की दोनों लैब 2 साल से हैं बंद

कलर होने लगा खराब, जल्द उपयोग नहीं किया तो जर्जर हो जाएंगी दोनों बिल्डिंग

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बाजार में बेची जा रही जैविक और रासायनिक कीटनाशकों की गुणवत्ता जांच के लिए कोठी रोड स्थित कृषि कार्यालय परिसर में 1.40 करोड़ रुपए से बनाई गई दो लैब बंद पड़ी हैं। मार्कफेड के माध्यम से बिल्डिंग तो बना दी लेकिन इसके लिए ना तो कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं और ना ही सेंपल जांचने के लिए मशीनें भेजी गईं। इस कारण दो साल से दोनों ही लैब पर ताले लगे हैं। यह लैब कब चालू होगी, इस संबंध में फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता। यदि अगले एक-दो साल में 70-70 लाख रुपए खर्च कर बनाई गई इन लैब को चालू नहीं किया गया तो यह जर्जर होना शुरू हो जाएंगी। वर्तमान में इन लैब्स के आसपास झाडिय़ां उगी हुई हैं और इसमें से एक लैब का कलर भी खराब होने लगा है।

दरअसल, लैब निर्माण की पूरी प्रक्रिया भोपाल स्तर से होने के कारण स्थानीय अफसर भी इसे लेकर जवाब देने की स्थिति में नहीं है। इधर, लैब चालू नहीं होने का फायदा जैविक एवं रासायनिक कीटनाशक प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनियां उठा रही हैं। वे धडल्ले से किसानों को कीट व अन्य बीामरियों को नष्ट करने के नाम पर रासायनिक व जैविक प्रोडक्ट बेचने में लगे हैं। लैब चालू नहीं होने से स्थानीय अफसर भी इस मामले में असली-नकली की पहचान नहीं कर पा रहे हैं।

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एप्रोच रोड भी नहीं बनी
70-70 लाख रुपए में दोनों बिल्डिंग बनाकर मार्कफेड ने विभाग को सौंप दिया है लेकिन हैंडओवर के बाद भी अब तक इनके ताले नहीं खोले जा सके हैं। यही कारण है कि बिल्डिंग तक जाने के लिए एप्रोच रोड तक नहीं बनी है। साीढिय़ा के पास उबड़-खाबड़ जमीन और बड़ी-बड़ी घास और पौधे उग गए हैं।

इनका कहना
दोनों लैब जल्द शुरू हो जाएंगी। मशीनें आ गई हैं। स्टॉफ की नियुक्ति होना शेष है जिसकी प्रोसेस चल रही है। 10 से 15 दिनों में लैब शुरू हो जाएंगी।
– यूएस तोमर
उपसंचालक, कृषि

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