चीन में 7 लाख डिलीवरी वर्कर्स की जगह लेंगे रोबोट?

चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच चीन की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी JD.com के संस्थापक रिचर्ड लियू ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में डिलीवरी कर्मचारियों की जरूरत लगभग खत्म हो सकती है और उनकी जगह रोबोट डिलीवरी करेंगे।

रिचर्ड लियू ने यह बयान APEC China CEO Forum के दौरान दिया। उनके मुताबिक कंपनी का लक्ष्य डिलीवरी सिस्टम को पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाना है।
7 लाख कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर
JD.com में वर्तमान में करीब 7 लाख डिलीवरी और फ्रंटलाइन कर्मचारी कार्यरत हैं।
यदि कंपनी का ऑटोमेशन प्लान पूरी तरह लागू होता है, तो इन कर्मचारियों की भूमिका में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों को नई तकनीक के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
AI और रोबोटिक्स में बड़ा निवेश
JD.com पहले से ही अपने वेयरहाउस, सॉर्टिंग सेंटर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन का उपयोग कर रही है।
कंपनी का मानना है कि रोबोटिक्स के जरिए डिलीवरी की गति बढ़ेगी, लागत कम होगी और ऑपरेशन अधिक कुशल बनेंगे।
कर्मचारियों के लिए शुरू की गई ‘निर्वाण योजना’
रिचर्ड लियू ने बताया कि कंपनी ने AI और रोबोटिक्स से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के लिए ‘निर्वाण योजना’ शुरू की है।
इस योजना के तहत चीन के करीब 120 शिक्षण संस्थानों के सहयोग से कर्मचारियों को नई तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी।
कर्मचारियों को सिखाए जाएंगे ये कौशल
- रोबोट मरम्मत (Robot Repair)
- रोबोट मेंटेनेंस
- सिस्टम मॉनिटरिंग
- तकनीकी संचालन
- ऑटोमेशन प्रबंधन
चीन का लक्ष्य: 100 से ज्यादा काम करेंगे रोबोट
चीन सरकार भी रोबोटिक्स को बढ़ावा देने में जुटी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन चाहता है कि वर्ष के अंत तक ह्यूमनॉइड रोबोट 100 से अधिक वास्तविक जीवन के कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हो जाएं।
इसके लिए चीन के उद्योग मंत्रालय ने सरकारी उद्यमों को रोबोट्स को “वर्क मोड” में लाने के निर्देश दिए हैं।
भारत में क्या है स्थिति?
भारत में फिलहाल लास्ट-माइल डिलीवरी का अधिकांश काम मानव कर्मचारियों द्वारा किया जाता है।
हालांकि ई-कॉमर्स, वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कस्टमर सर्विस सेक्टर में AI और ऑटोमेशन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में भी रोबोटिक्स और AI आधारित सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ सकता है।
क्या रोबोट नौकरियां खत्म कर देंगे?
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि रोबोट पूरी तरह नौकरियां खत्म नहीं करेंगे, बल्कि नौकरियों की प्रकृति बदल देंगे।
भविष्य में निम्न नई भूमिकाओं की मांग बढ़ सकती है:
- रोबोट ऑपरेटर
- रोबोट मेंटेनेंस इंजीनियर
- ऑटोमेशन सुपरवाइजर
- AI सिस्टम मॉनिटर
- टेक्निकल सपोर्ट स्पेशलिस्ट
चीन की गिग इकोनॉमी दुनिया में सबसे बड़ी
थिंक चाइना की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की गिग इकोनॉमी दुनिया की सबसे बड़ी गिग इकोनॉमी मानी जाती है।
- डिलीवरी और राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोग: 8.4 करोड़
- अस्थायी रोजगार पर निर्भर आबादी: 32 करोड़
- कुल वर्कफोर्स में हिस्सा: करीब 44%









