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होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग? जानिए वैश्विक व्यापार पर इसका असर

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग? जानिए वैश्विक व्यापार पर इसका असर

Explainer: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य कहां स्थित है?

यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है। सबसे संकरे हिस्से में इसकी चौड़ाई लगभग 33 किलोमीटर है, जबकि जहाजों के लिए निर्धारित नौवहन मार्ग इससे भी संकरे होते हैं।

यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

होर्मुज को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की ‘लाइफलाइन’ माना जाता है।

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  • दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है।
  • सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई, कतर और ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देश इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
  • कतर से निर्यात होने वाली बड़ी मात्रा में LNG (Liquefied Natural Gas) भी इसी रास्ते से भेजी जाती है।

तनाव बढ़ने पर क्या असर पड़ता है?

जब भी इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है, तब—

  • तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है।
  • शिपिंग कंपनियों की लागत बढ़ जाती है।
  • बीमा प्रीमियम महंगे हो जाते हैं।
  • वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
  • ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है।

क्या होर्मुज बंद हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस जलमार्ग को पूरी तरह बंद करना आसान नहीं है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि किसी भी सैन्य संघर्ष या सुरक्षा खतरे के दौरान जहाजों की आवाजाही धीमी हो सकती है और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।

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भारत पर क्या असर होगा?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा करता है। इसलिए होर्मुज में किसी भी तरह की बाधा का असर—

  • कच्चे तेल की कीमतों,
  • पेट्रोल-डीजल की लागत,
  • आयात बिल,
  • महंगाई

पर पड़ सकता है।

निष्कर्ष

होर्मुज जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का अहम केंद्र है। इसलिए इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी भू-राजनीतिक हलचल पर पूरी दुनिया की नजर रहती है। यदि यहां तनाव बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।

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