Advertisement

उमस में चेहरा हो रहा काला-ऑयली? न करें ये 5 गलतियां

जून-जुलाई की यह चिपचिपी गर्मी और हवा में घुली उमस (Humidity) अच्छे-भले स्किनकेयर रूटीन की बैंड बजा देती है। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि घर से निकलते ही चेहरा एकदम ऑयली, चिपचिपा और कुछ ही देर में काला व बेजान (Dull) दिखने लगता है? अक्सर हम सोचते हैं कि महंगे प्रोडक्ट्स लगाने के बाद भी चेहरा ऐसा क्यों हो रहा है। असल में, गलती मौसम की नहीं, बल्कि हमारे स्किनकेयर रूटीन की है।

 

Advertisement

स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार, उमस भरे मौसम में त्वचा को खास और हल्के देखभाल की जरूरत होती है। अगर आप इस मौसम में भी अपनी पुरानी आदतें नहीं बदल रहे हैं, तो आप अनजाने में ये 5 बड़ी गलतियां कर रहे हैं:

उमस के मौसम में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां:

1. सर्दियों वाला भारी (Thick) मॉइस्चराइज़र इस्तेमाल करना

हवा में जब नमी का स्तर बहुत ज्यादा होता है, तो हमारी त्वचा के ऑयल ग्लैंड्स यानी सेबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous glands) सामान्य से अधिक एक्टिव हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप वही थिक या क्रीमी मॉइस्चराइज़र लगा रही हैं जो सर्दियों में इस्तेमाल करती थीं, तो यह त्वचा के लिए ‘ओवरडोज़’ साबित होता है। भारी क्रीम आपके पोर्स (रोमछिद्रों) को ब्लॉक कर देती है, जिससे पसीना बाहर नहीं आ पाता और चेहरा काला व ऑयली दिखने लगता है।

Advertisement

क्या बदलाव करें: इस मौसम में हैवी क्रीम को अलविदा कहें और ‘जेल-बेस्ड’ (Gel-based) या ‘वॉटर-बेस्ड’ लाइटवेट मॉइस्चराइज़र अपनाएं, जो त्वचा में जल्दी एब्जॉर्ब हो जाएं।

2. चिपचिपाहट के डर से सनस्क्रीन छोड़ देना

कई लोग सोचते हैं कि मौसम पहले से ही इतना चिपचिपा है, ऊपर से सनस्क्रीन लगाने से चेहरा और ज्यादा ऑयली हो जाएगा। यह सबसे खतरनाक गलती है! उमस के दिनों में भी सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें बादलों को चीरकर आपकी त्वचा को उतना ही नुकसान पहुंचाती हैं। सनस्क्रीन न लगाने से त्वचा अंदर तक झुलस जाती है, जिसे हम टैनिंग या चेहरे का काला पड़ना कहते हैं।

Advertisement

क्या बदलाव करें: सनस्क्रीन लगाना कभी बंद न करें, बल्कि चिपचिपी गर्मी के लिए मैट-फिनिश (Matte-finish) या ‘नॉन-कॉमेडोजीनिक’ (Non-comedogenic) सनस्क्रीन चुनें, जो रोमछिद्रों को बंद किए बिना त्वचा को ऑयल-फ्री रखती है।

3. दिन में बार-बार फेसवॉश से चेहरा धोना

चेहरे पर पसीना और तेल आते ही हमारा मन करता है कि तुरंत फेसवॉश या साबुन से चेहरा साफ कर लें। लेकिन दिन में 4-5 बार क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा का नेचुरल ऑयल पूरी तरह खत्म हो जाता है। जब त्वचा रूखी होने लगती है, तो हमारा ब्रेन त्वचा की नमी बचाने के लिए और ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करने का सिग्नल भेजता है। नतीजा यह होता है कि चेहरा पहले से दुगना ऑयली हो जाता है।

क्या बदलाव करें: दिन में सिर्फ दो बार (सुबह और रात को सोने से पहले) ही माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। दिन के समय एक्स्ट्रा तेल हटाने के लिए ब्लॉटिंग पेपर (Blotting Paper) का इस्तेमाल करें या साफ पानी के छींटे मारें।

4. हैवी मेकअप की मोटी परत चढ़ाना

उमस के मौसम में फुल-कवरेज लिक्विड फाउंडेशन, कंसीलर और कॉम्पैक्ट पाउडर की मोटी परतें लगाना त्वचा का दम घोंटने जैसा है। पसीने, सीबम (त्वचा का प्राकृतिक तेल) और बाहरी धूल-मिट्टी के साथ मिलकर यह हैवी मेकअप पोर्स में जमा हो जाता है। इससे चेहरे पर जिद्दी पिंपल्स, मुहांसे, ब्लैकहेड्स और डलनेस आ जाती है।

क्या बदलाव करें: इस मौसम में ‘नो-मेकअप’ या मिनिमल लुक अपनाएं। भारी फाउंडेशन की जगह टिंटेड सनस्क्रीन या किसी हल्की बीबी (BB) क्रीम का इस्तेमाल करें जो त्वचा को खुलकर सांस लेने दे।

5. त्वचा को अंदर से हाइड्रेट न रखना

चेहरे पर दिखने वाले तेल (Sebum) को कई लोग ‘हाइड्रेशन’ समझने की भूल कर बैठते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ऑयली स्किन होने का यह मतलब कतई नहीं है कि आपकी त्वचा में पानी की कमी नहीं हो सकती। जब शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होती है, तो त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खो देती है और बेजान दिखने लगती है।

क्या बदलाव करें: सिर्फ बाहरी क्रीम पर निर्भर रहने के बजाय दिनभर में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। नारियल पानी या नींबू पानी को अपनी डाइट में शामिल करें ताकि बॉडी अंदर से डिटॉक्स रहे और त्वचा पर नेचुरल ग्लो बना रहे।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें