ऑनलाइन सेल में फर्जी डिस्काउंट से बचें, खरीदारी से पहले जांचें

क्या आप भी अमेजन और फ्लिपकार्ट की सेल में बंपर डिस्काउंट देखकर तुरंत खरीदारी कर लेते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। कई बार सेल में जिस प्रोडक्ट पर भारी छूट का दावा किया जाता है, असल में वह सेल से पहले भी उसी कीमत या उससे कम दाम में मिल रहा होता है।

ऐसे में फेक डिस्काउंट का शिकार होने से बचने के लिए आपको कुछ स्मार्ट टेक ट्रिक्स अपनानी चाहिए। यहां हम आपको ऐसे 4 आसान तरीके बता रहे हैं, जिनसे आप किसी भी ऑनलाइन सेल के डिस्काउंट की असलियत का आसानी से पता लगा सकते हैं और अपने पैसे बचा सकते हैं।
1. प्राइस हिस्ट्री ट्रैक करें:
सेल में किसी भी डील पर आंख मूंद कर भरोसा न करें। सबसे पहले यह चेक करें कि पिछले कुछ महीनों में उस प्रोडक्ट की असल कीमत क्या रही है। इसके लिए आप गूगल क्रोम ब्राउजर पर Keepa और PriceBefore जैसे एक्सटेंशन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ये टूल्स आपको उस प्रोडक्ट की पिछले 6 महीने की प्राइस हिस्ट्री का पूरा ग्राफ दिखाते हैं। अगर आपको ग्राफ में दिखे कि सेल शुरू होने से पहले वह प्रोडक्ट ज्यादा सस्ता था, तो तुरंत खरीदने के बजाय दाम दोबारा गिरने का इंतजार करना ही समझदारी है।
2. प्राइस अलर्ट सेट करें:
व्यस्त दिनचर्या के कारण हर समय कीमतों पर नजर रखना संभव नहीं होता है। इसलिए टेक्नोलॉजी का फायदा उठाएं और अपने पसंदीदा सामान के लिए प्राइस ड्रॉप अलर्ट सेट करें। इसके लिए इंटरनेट पर कई थर्ड-पार्टी ऐप्स और टेलीग्राम बॉट्स मौजूद हैं।
आप प्रोडक्ट की वह सबसे कम कीमत सेट कर सकते हैं जिस पर वह पहले कभी बिका था। जैसे ही उस सामान की कीमत आपकी तय की गई रेंज तक गिरेगी, आपके फोन पर तुरंत नोटिफिकेशन आ जाएगा और आप सही समय पर असली डिस्काउंट का फायदा ले पाएंगे।
3. अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें:
शॉपिंग करते समय सिर्फ एक ही ई-कॉमर्स साइट की सेल पर निर्भर न रहें। अक्सर एक जगह सेल में मिलने वाला प्रोडक्ट दूसरी वेबसाइट पर बिना किसी सेल के भी उससे कम कीमत में उपलब्ध होता है। इसलिए तुलना करना हमेशा फायदेमंद रहता है।
गूगल सर्च बार में प्रोडक्ट का नाम डालकर शॉपिंग टैब पर क्लिक करें, जहां एक साथ कई प्लेटफॉर्म्स की लाइव कीमतें दिख जाएंगी। इसके अलावा आप MySmartPrice या Smartprix जैसी वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं। कई बार प्रोडक्ट अपनी ऑफिशियल ब्रांड वेबसाइट पर भी सस्ता मिल जाता है।
4. डायनामिक प्राइसिंग के खेल से बचें:
क्या आप जानते हैं कि ई-कॉमर्स साइट्स आपकी सर्च हिस्ट्री और इंटरेस्ट को ट्रैक करके भी दाम तय करती हैं? इसे डायनामिक प्राइसिंग कहा जाता है। इससे बचने के लिए हमेशा ऑनलाइन शॉपिंग अपने ब्राउज़र के इन्कॉग्निटो मोड (Incognito Mode) में ही करें।
या फिर खरीदारी से पहले अपने ब्राउजर की हिस्ट्री और कुकीज को पूरी तरह डिलीट कर दें। ऐसा करने से साइट्स का एल्गोरिदम यह ट्रैक नहीं कर पाता कि आप उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए कितने बेताब हैं, जिससे आपको एकदम सही और वास्तविक दाम दिखाई देता है।









