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जबलपुर बनेगी मेट्रोपॉलिटन सिटी: सीएम

विकास कार्यों की सौगात, तीन बड़े सीवेज प्लांट और मत्स्य विक्रय केंद्र का किया लोकार्पण

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एक साल में तैयार होगा ड्राफ्ट प्रपोजल

अक्षरविश्व न्यूज जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि नगर निगम जबलपुर अगले एक वर्ष में मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित होगा। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द जबलपुर मेट्रोपोलिटन सिटी का ड्राफ्ट प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए।

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गीता भवन परिसर में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन और 11 लाख पौधरोपण अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा और सुशासन हमारी सरकार की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश के विकास, नागरिकों की सुख-समृद्धि और बेहतर सेवाओं के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है और सरकार अपने हर वादे को पूरा कर रही है।

मुख्यमंत्री ने जबलपुर में फर्नीचर क्लस्टर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को मध्यप्रदेश के एम्स यानी राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा मदन महल पहाड़ी के पास चिडिय़ाघर (जू) बनाने की योजना भी तैयार की जाएगी, जिससे राष्ट्रीय उद्यानों में आने वाले पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जबलपुर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए करीब 397 करोड़ रुपए के पांच विकास कार्यों की सौगात भी दी।

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सीवेज परियोजन का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने जबलपुर शहर में 362.31 करोड़ रुपए की लागत से तैयार अमृत 1.0 सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया। इसके तहत कठौंदा, ललपुर और तेवर में बने तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही सिविल लाइंस क्षेत्र में 25 लाख रुपए की लागत से रजक समाज के लिए आधुनिक लॉन्ड्री एरिया और गुरंदी बाजार में 2.5 करोड़ रुपए की लागत से बने अत्याधुनिक मत्स्य विक्रय केंद्र का भी शुभारंभ किया गया।

यूसीसी : सब समान सबको सम्मान
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का जिक्र करते हुए कहा कि इसका आधार ‘सब समान, सबको सम्मानÓ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूसीसी को लेकर प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक संदेश भेजे गए और समिति को 10 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए।

11 लाख पौधे लगाने के अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने जबलपुर से 11 लाख पौधे लगाने के महाअभियान की शुरुआत की। पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। मियावाकी पद्धति से कम क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में पौधे लगाकर घना जंगल तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों और वनों से समृद्ध राज्य है। नर्मदा नदी से गुजरात और राजस्थान तक समृद्धि पहुंचती है, जबकि चंबल और सोन जैसी नदियां देश की जीवनदायिनी नदियों को गति देती हैं।

शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं। इस वर्ष 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है, जबकि पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की गई है। पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े मामले का समाधान निकालते हुए अब तक प्रदेश के ढाई लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। पुलिस विभाग में भी 25 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को प्रमोशन मिला है।

मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण की सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले से टाइगर स्टेट है और अब चीता स्टेट के रूप में भी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गई है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में राज्य लगातार नए प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में गैंडे और किंग कोबरा जैसे वन्य जीवों को भी उनके प्राकृतिक रहवास में बसाने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य वन संरक्षण के साथ पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

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