सस्ती मिलेंगी आयुर्वेदिक दवाएं: भोपाल में बन रही प्रदेश की दूसरी सरकारी फार्मेसी

भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुर्वेदिक इलाज कराने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। राजधानी के पंडित खुशीलाल आयुर्वेद अस्पताल परिसर में प्रदेश की दूसरी सरकारी आयुर्वेद फार्मेसी तैयार की जा रही है। इसका निर्माण अंतिम चरण में है और अगले एक वर्ष के भीतर यहां दवाओं का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। नई फार्मेसी शुरू होने से सरकारी अस्पतालों में आयुर्वेदिक दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी, मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने की मजबूरी कम होगी और प्रदेश की दवा आपूर्ति व्यवस्था भी मजबूत होगी।
फिलहाल प्रदेश में सरकारी स्तर पर आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण केवल ग्वालियर स्थित एक फार्मेसी में होता है। यहीं से प्रदेशभर के सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में दवाएं भेजी जाती हैं। बढ़ती मांग के कारण कई बार अस्पतालों तक जरूरत के अनुसार दवाएं नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं, जिससे इलाज का खर्च बढ़ जाता है।
भोपाल में दूसरी सरकारी फार्मेसी शुरू होने के बाद दवा उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी। सबसे पहले सामान्य उपचार में रोजाना इस्तेमाल होने वाली आवश्यक आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण किया जाएगा, ताकि अस्पतालों में इनकी कमी न रहे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विशेष और दुर्लभ आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण भी शुरू किया जाएगा। इससे सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी और मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा।
नई फार्मेसी शुरू होने के बाद भोपाल संभाग के आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति तेज और सुचारु होगी। इससे ग्वालियर पर निर्भरता कम होगी और दवा उपलब्ध कराने में लगने वाला समय भी घटेगा। भविष्य में प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी यहां से दवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
शोध को भी मिलेगी नई दिशा
फार्मेसी में केवल दवाओं का उत्पादन ही नहीं होगा, बल्कि आयुर्वेदिक शोध से जुड़ी औषधियों का निर्माण भी किया जाएगा। इससे शोध विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक दवाओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा।









