रूठे दोस्त को मनाने और दोस्ती मजबूत करने के 7 तरीके

दोस्ती जिंदगी का ऐसा रिश्ता है, जो खून के रिश्ते से नहीं बल्कि भरोसे, समझ और अपनापन से बनता है। अच्छे दोस्त मुश्किल समय में हमारा साथ देते हैं और कई बार बिना कहे ही हमारी बात समझ लेते हैं। लेकिन व्यस्त जिंदगी, गलतफहमी, समय की कमी या ईगो के कारण दोस्तों के बीच दूरी आ सकती है।
अगर किसी पुराने दोस्त से रिश्ता खराब हो गया है या आपका बेस्ट फ्रेंड आपसे नाराज है, तो कुछ छोटी-छोटी कोशिशों से दोस्ती को फिर से मजबूत बनाया जा सकता है। जैसे:
1.बात करना बंद न करें
झगड़ा होने के बाद पूरी तरह बातचीत बंद कर देना समस्या को और बढ़ा सकता है। इसलिए दोस्त से संपर्क बनाए रखें और सही समय देखकर शांत तरीके से अपनी बात रखें। आमने-सामने बात करने से कई गलतफहमियां आसानी से दूर हो सकती हैं।
2.अपनी गलती स्वीकार करें
हर विवाद में सिर्फ सामने वाले की गलती हो, यह जरूरी नहीं है। शांत होकर सोचें कि आपकी तरफ से भी कोई गलती हुई है या नहीं। गलती हो तो उसे स्वीकार करने और दिल से माफी मांगने में झिझक न करें। एक सच्ची माफी रिश्ते को फिर से जोड़ने में मदद कर सकती है।
3.दोस्त को थोड़ा समय दें
हर व्यक्ति नाराजगी या दुख को अलग तरह से संभालता है। कुछ लोग तुरंत बात करना चाहते हैं, जबकि कुछ को शांत होने के लिए समय चाहिए होता है। ऐसे में दोस्त पर तुरंत बात करने का दबाव न बनाएं और उसे थोड़ा समय दें।
4.साथ में अच्छा समय बिताएं
रिश्ते को सिर्फ समस्याओं पर बात करके नहीं, बल्कि अच्छी यादों के जरिए भी मजबूत किया जा सकता है। दोस्त के साथ उसकी पसंद की जगह पर जाएं, साथ बैठकर बातें करें या कोई पुरानी अच्छी याद साझा करें। इससे माहौल सहज हो सकता है।
5.जिस बात से नाराजगी हुई, उसे समझने की कोशिश करें
मिलते समय समस्या को टालने के बजाय उस मुद्दे पर शांत होकर बात करें, जिसकी वजह से दोनों के बीच दूरी आई। एक-दूसरे की बात ध्यान से सुनें और बिना बहस किए समस्या को समझने की कोशिश करें।
6.भरोसा वापस बनने में थोड़ा समय दें
रिश्ता खराब होने के बाद भरोसा पहले जैसा होने में समय लग सकता है। लगातार अच्छी बातचीत, सम्मान और समझ के साथ धीरे-धीरे रिश्ते में फिर से मजबूती लाई जा सकती है।
7.ईगो को छोड़कर दोस्ती के लिए पहल करें
कई बार सिर्फ इस वजह से दोस्ती में दूरी बढ़ जाती है कि पहले बात कौन करेगा। ऐसे में ईगो को पीछे छोड़कर खुद पहल करें। सच्ची दोस्ती में अपनी बात मनवाने से ज्यादा जरूरी रिश्ते को बचाना होता है।









