मोदी ने पूछा- पब्लिक से कैसे बात करें, टिप्स दें

टीचर्स डे : राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले ४८ शिक्षकों से पीएम ने की बातचीत
नईदिल्ली, एजेेंसी। पीएम मोदी ने शनिवार को टीचर्स डे पर उन 48 शिक्षकों से बातचीत की, जिन्हें आज राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा।
पीएम ने एक महिला टीचर से पूछा कि आप बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाती हैं।
अगर मैं आपके यहां का स्टूडेंट हूं और मुझे एक अच्छा स्पीकर बनना है तो मुझे टिप्स दीजिए कि मुझे क्या-क्या करना चाहिए। इस पर टीचर ने जवाब दिया कि आपको सबसे पहले कॉन्फिडेंस दिखना चाहिए। इस पर पीएम ने हंसते हुए कहा कि तो आखिर ये कॉन्फिडेंस कैसे आएगा। टीचर्स ने कहा कि इसकी प्रैक्टिस करनी होती है। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नईदिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल टीचर्स को राष्ट्रीय पुरस्कार देंगी।
स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है… हमें इससे बाहर निकलना होगा
स्क्रीन टाइम पर : स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है। मेरे मन में एक विचार आता है। अगर कोई बच्चा खेलों में गहरी रुचि लेना शुरू कर दे और खेल से मेरा मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान पर जाकर वास्तविक खेल खेलने से है तो धीरे-धीरे वह इस लत से बाहर निकल सकता है।
ड्रेस कोड के मुद्दे को लेकर : ड्रेस कोड का मुद्दा कुछ बड़े शहरों या यूनिवर्सिटी में सामने आया है। वहां अक्सर जागरुकता की कमी होती है। कभी-कभी नियम बिना किसी स्पष्टीकरण के ही लागू कर दिए जाते हैं।
बच्चों के बदलते व्यवहार को पहचानें : आज शिक्षकों को इससे जुड़े प्रभावों और बच्चों के मन में पैदा होने वाली आशंकाओं के प्रति लगातार जागरूक रहने की जरूरत है और यह देखना चाहिए कि क्या ऐसे कदम बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव ला रहे हैं।
हमें बचपन को खत्म नहीं होने देना है
पीएम ने कहा कि हमें बचपन को खत्म नहीं होने देना है। इसे बचाए रखने के लिए शिक्षक सबसे बेहतर स्थिति में हैं। यह सुनिश्चित करना शिक्षक का कर्तव्य है कि बच्चे के भीतर का बचपन जीवित रहे।









