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नगर निगम के पीएचई में इंजीनियरों की कमी, शहर भुगत रहा जलसंकट

तीन डिवीजन में एक भी फुल फ्लैश कार्यपालन यंत्री नहीं, सब इंजीनियर भी पर्याप्त नहीं

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22 दिन में दूसरी बार उज्जैन उत्तर में जलप्रदाय नहीं

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगरनिगम का पीएचई विभाग इंजीनियरों की कमी से जूझ रहा है। तीन डिवीजन में एक भी फुल फ्लैश इंजीनियर नहीं है, सब इंजीनियरों की भी कमी है, ऐसे में शहर जलसंकट भुगत रहा है। कहीं टंकिंया नहीं भर रही हैं तो कहीं फूटी पाइप लाइन की समय पर रिपेयरिंग नहीं हो रही है। रही-सही कसर शहर में चल रहे निर्माण कार्य पूरे कर दे रहे हैं। आए दिन कहीं ना कहीं पाइप लाइन फूट रही है। पाइप लाइन फूटने के कारण मंगलवार को ही उत्तर विधानसभा क्षेत्र में जलप्रदाय नहीं हुआ।

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सितंबर महीने के 22 दिन में मंगलवार को दूसरा मौका था जब उज्जैन उत्तर में जलप्रदाय नहीं किया गया। इसका कारण रहा सोमवार को कुत्ता बावड़ी के पास पाइपलाइन का फूटना।एमपीआरडीसी के ब्रिज निर्माण की खुदाई के दौरान गंभीर की मेन राइजिंग पाइप लाइन फूट गई। 750 एमएम वाली पाइप लाइन के फूटने से उत्तर क्षेत्र की टंकियां नहीं भर सकीं और जल सप्लाई रोकना पड़ी। इस वजह से लोग पानी के लिए परेशान होते रहे।

आइए जानते हैं ननि पीएचई को
नगरनिगम पीएचई तीन डिवीजन में बंटा है। हर डिवीजन का प्रभारी एक कार्यपालन यंत्री होता है।
डिवीजन और उनके काम

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 डिवीजन- 1- वाटर सप्लाई, राजस्व वसूली, टंकियों का रखरखाव।

 डिवीजन-2- सीवरेज प्रोजेक्ट, पंपों का रखरखाव

डिवीजन-3- गऊघाट, अंबोदिया, गंभीर फिल्टर प्लांट का रखरखाव, साहिबखेड़ी-उंडासा, संयंत्र का मेंटेनेंस, राइजिंग लाइन का रखरखाव।

क्या है स्थिति- जल कार्य समिति के प्रभारी प्रकाश शर्मा बताते हैं कि तीनों डिवीजन में एक भी फुल फ्लैश कार्यपालन यंत्री नहीं है। अभी सिर्फ एक प्रभारी कार्यपालन यंत्री ही पदस्थ हैं। ऐसी ही स्थिति सब इंजीनियरों की है। तीन डिवीजन में १२ सब इंजीनियर होने चाहिए लेकिन अभी केवल ५ हैं। सब ओवरलोड हैं।

इंजीनियर कम होने से क्या आ रही दिक्कत

1 टंकियों की निगरानी ठीक से नहीं हो रही। शहर की ४५ टंकियों में से कई खाली रह जाती हैं। इस वजह से कम दबाव से जलप्रदाय की समस्या आती है।

2 पाइप लाइन फूटने की स्थिति में पूरा अमला यहां लग जाता है, ऐसे में अन्य काम प्रभावित होते हैं।

3 राजस्व वसूली जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं हो रही है।

4 टेंडर बनाने, खोलने से लेकर वर्क आर्डर जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं।

5 उज्जैन में सिंहस्थ संबंधी कार्य चल रहे हैं और प्रभारी कार्यपालन यंत्री का समय मीटिंग में चला जा रहा है।ऐसे में भी काम-काज प्रभावित हो रहा है।

उज्जैन उत्तर में सबसे ज्यादा परेशानी
जल प्रदाय को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी उज्जैन उत्तर झेल रहा है। २२ दिन में दूसरी बार मंगलवार को यहां जलप्रदाय नहीं हुआ। १० सितंबर को भी यहां पानी नहीं दिया गया था। इस क्षेत्र में सबसे बड़ी दिक्कत चौड़ीकरण के काम पैदा कर रहे हैं। इनकी वजह से आए दिन पाइप लाइन फूट रही है। इसका असर टंकियों के लेवल पर पड़ रहा है। कई-कई दिन तक टंकियां पूरी तरह नहीं भर पा रही हैं।

इंजीनियर मांगे हैं, रिसोर्स बढ़ा रहे हैं

पीएचई के लिए और इंजीनियर मांगे हैं। रिसोर्स भी भी बढ़ा रहे हैं। प्रपोजल भेज दिया है। फिलहाल तो जितने इंजीनियर हैं उनसे काम चला रहे हैं। जल सप्लाई में दिक्कत के कई कारण हैं। इनमें लाइन फूटना, बिजली सप्लाई रुकना जैसी समस्या भी हैं। सभी को ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं।
अभिलाष मिश्रा, निगमायुक्त

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