फर्जी नारकोटिक्स टीआई बनकर 4.45 करोड़ की ठगी

रतलाम। रतलाम के तेजा नगर निवासी प्रॉपर्टी ब्रोकर रुपेश चरपोट से कथित तौर पर फर्जी नारकोटिक्स टीआई और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बनकर 4.45 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में आरोपी सपना ठाकुर (टांक) को पुलिस ने सोमवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पुलिस को आरोपी का 1 दिन का और रिमांड दिया है।
कोर्ट से बाहर निकली तो आरोपों को बताया झूठा
पुलिस जब पेशी के बाद सपना ठाकुर को कोर्ट परिसर से बाहर लेकर आई, तो उसने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया। चलते हुए उसने कहा कि उस पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। उसने अपनी 6 महीने की बेटी का हवाला देते हुए दावा किया कि उसने 1 करोड़ रुपए नकद और 30 लाख रुपए RTGS के जरिए मकान खरीदा है और उसके पास इसका वीडियो भी है।
आरोपी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके जीजाजी मकान खाली कराने के नाम पर उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कोर्ट परिसर में पहुंची उसकी मौसी ने भी सपना पर लगे आरोपों को गलत बताया।
हुंडी दलाल विजय लोढ़ा के मामले से सामने आया संपर्क
फरियादी रुपेश चरपोट के अनुसार, रतलाम का हुंडी दलाल विजय लोढ़ा करीब 9 महीने पहले कई लोगों के लगभग 30 लाख रुपए लेकर परिवार समेत फरार हो गया था। इस संबंध में रुपेश ने पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई थी।
इसी दौरान सपना ठाकुर का फोन रुपेश के पास आया। आरोप है कि उसने खुद को मंदसौर नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताया और कहा कि वह विजय लोढ़ा से उनके पैसे रिकवर करवा देगी। इसके लिए उसने FIR की कॉपी मांगी। रुपेश ने उसके कहने पर FIR की कॉपी WhatsApp के जरिए भेज दी।
खाकी कपड़ों में पहुंची, लोगों को अफसर होने का भरोसा दिलाया
रुपेश के मुताबिक, सपना ने एक दिन शाम करीब 7:30 बजे दो बत्ती स्थित CSP कार्यालय के बाहर सभी फरियादियों को बुलाया। इसके करीब एक घंटे बाद वह खाकी पैंट और खाकी रंग का जैकेट पहनकर टू-व्हीलर से वहां पहुंची।
उसने CSP कार्यालय बंद होने की बात कही और पास में रहने वाली एक पीड़ित महिला के घर चली गई। आरोप है कि वहां बैठकर उसने विजय लोढ़ा के परिवार, संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई।
इस तरह उसके व्यवहार और खाकी कपड़ों के कारण फरियादियों को उसके पुलिस अधिकारी होने का भरोसा हो गया। इसके बाद कथित ठगी का मामला आगे बढ़ा और कुल रकम 4.45 करोड़ रुपए तक पहुंचने का आरोप है।
पुलिस रिमांड में पूछताछ जारी
पुलिस अब आरोपी से मामले में जुड़े लोगों, पैसों के लेन-देन और कथित फर्जी पहचान के संबंध में पूछताछ कर रही है। कोर्ट ने पुलिस को एक दिन का अतिरिक्त रिमांड दिया है। मामले में आगे की जांच के बाद ही ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल की स्थिति स्पष्ट होगी।









